Gopalganj News: (विकास दुबे) गोपालगंज शहर के कालीस्थान रोड स्थित डॉ. नन्दी ग्रेस इंग्लिश स्कूल में मंगलवार को पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (पीटीएम) का आयोजन किया गया. विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 350 से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया. टर्मिनल-वन परीक्षा के बाद आयोजित बैठक में विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं अभिभावकों को दिखायीं.
अभिभावकों ने बच्चों की कॉपियों का अवलोकन कर मूल्यांकन प्रक्रिया को नजदीक से समझा और विद्यालय की पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की सराहना की. कई अभिभावकों ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने की पहल से बच्चों की शैक्षणिक स्थिति की सही जानकारी मिलती है तथा अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है.
बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन, शैक्षणिक उपलब्धियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की. विद्यालय की प्राचार्या डॉ. एलोरा नंदी ने बताया कि तीन जून विद्यालय का अंतिम कार्य दिवस होगा. इस दिन सभी विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम, ग्रीष्मावकाश गृहकार्य और प्रोजेक्ट फाइल उपलब्ध करायी जाएगी. इसके बाद चार जून से विद्यालय ग्रीष्मावकाश के लिए बंद रहेगा.
पहली बार आयोजित होगा समर कैंप
पीटीएम के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने पहली बार आयोजित होने वाले “समर कैंप-2026” की घोषणा भी की. यह कैंप पांच जून से शुरू होकर 15 दिनों तक चलेगा. इसका संचालन प्रतिदिन सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा.
प्राचार्या डॉ. एलोरा नंदी ने बताया कि इस समर कैंप में डॉ. नन्दी ग्रेस इंग्लिश स्कूल के विद्यार्थियों के अलावा जिले के अन्य निजी विद्यालयों के यूकेजी से कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राएं भी भाग ले सकते हैं.
विद्यालय के निदेशक नरेंद्र कुमार पंकज ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ना, उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास करना तथा पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखना है.
गणित से लेकर स्पोकन इंग्लिश तक मिलेगा प्रशिक्षण
समर कैंप में प्रतिदिन गणित की विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी. इनमें जोड़, घटाव, गुणा और भाग की आसान एवं रोचक ट्रिक्स सिखायी जाएंगी, ताकि बच्चों में गणित के प्रति रुचि बढ़े.
इसके अलावा रीजनिंग, स्पोकन इंग्लिश, हिंदी एवं अंग्रेजी लेखन-पठन कौशल, ब्रेन बूस्टर गतिविधियां, गृहकार्य तथा प्रोजेक्ट कार्य में भी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा. विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इससे बच्चों की शैक्षणिक क्षमता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी.
तीन क्लबों में विभाजित किया गया समर कैंप
विद्यालय ने समर कैंप को तीन प्रमुख क्लबों में विभाजित किया है. एजुकेशनल क्लब के अंतर्गत गणित, रीजनिंग, स्पोकन इंग्लिश, राइटिंग और रीडिंग स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
एंटरटेनमेंट क्लब में डांस, सिंगिंग, योग, शतरंज तथा विभिन्न इंडोर गेम्स की गतिविधियां आयोजित होंगी. वहीं क्रिएटिव एक्टिविटीज क्लब के तहत ड्राइंग, पेंटिंग, क्राफ्ट, वेस्ट मैटेरियल से उपयोगी वस्तुएं बनाना, मेहंदी आर्ट और एम्ब्रॉयडरी जैसी गतिविधियां करायी जाएंगी.
प्रत्येक क्लब के लिए प्रतिदिन एक-एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है, ताकि बच्चों को विविध गतिविधियों का लाभ मिल सके.
समापन पर मिलेगा प्रमाण-पत्र, होगी विशेष पिकनिक
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार 15 दिवसीय समर कैंप का पंजीकरण शुल्क 1500 रुपये निर्धारित किया गया है. कैंप के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे.
इसके साथ ही अंतिम दिन विद्यालय परिसर में विशेष पिकनिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जहां बच्चों को सीखने, खेलने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा.
अभिभावकों और विद्यालय के तालमेल पर जोर
विद्यालय के निदेशक नरेंद्र कुमार पंकज ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है.
शिक्षकों की भी रही अहम भूमिका
निदेशक ने बताया कि पीटीएम में वाइस प्रिंसिपल तुषार पंकज और शिक्षक प्रभारी बृज कुमार ने भी अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई और गतिविधियों में नियमित सहयोग की अपील की.
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों मुरलीधर पांडेय, शमसुल आरफीन, राकेश, प्रियांशु, शाकिर अली, सुमित, आलमगीर, अदिति, मधु, कमलेश, अभिषेक, अजीत, कामिनी, संजू, नीहारिका, स्नेहा, दीपा, सिद्धार्थ, सौम्या, नेहा, प्रगति, रूबी सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं रचनात्मक पहलों की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया. अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया.
