Gopalganj News : किशोरी की हत्या में सुसाइड की बात बताने पर परिजनों के साथ सड़क पर उतरी ऐपवा व माले, किया प्रतिवाद मार्च

Gopalganj News : भोरे थाना क्षेत्र में किशोरी की हत्या को लेकर गुस्सा और आक्रोश चरम पर है. लोगों का गुस्सा तब फूट गया जब पुलिस ने घटना को सुसाइड होने का दावा किया.

भोरे. भोरे थाना क्षेत्र में किशोरी की हत्या को लेकर गुस्सा और आक्रोश चरम पर है. लोगों का गुस्सा तब फूट गया, जब पुलिस ने घटना को सुसाइड होने का दावा किया.

परिजनों ने पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध किया, तो ऐपवा भाकपा-माले ने परिजनों के साथ मंगलवार को जोरदार प्रतिवाद मार्च निकालकर पुलिसिया जांच पर सवाल खड़े किये. इन संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को शर्मनाक करार देते हुए दरिंदों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की मांग की. प्रतिवाद मार्च में मृतका के परिजन भी शामिल हुए. उन्होंने पुलिस पर लापरवाही और साजिश के तहत आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया.

किशोरी के दांत टूटे हुए थे

मृतका की मां ने कहा कि हमारी बेटी का अपहरण करने बाद रेप करने को मारकर पोखरा में फेंक दिया गया और चेहरा तेजाब से जलाया गया. दांत तक तोड़ दिये गये और अब पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है. यह सिर्फ हमारी नहीं हर बेटी की बेइज्जती है. पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इंसाफ की अपील की.

माले का आरोप “महिला सुरक्षा फेल “, एसपी बयान वापस लें

ऐपवा की जिलाध्यक्ष सीता पाल ने कहा कि इस केस को आत्महत्या बता कर प्रशासन अपराधियों को बचा रहा है. रामावती सिंह (उपाध्यक्ष) ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “बरौली राजापट्टी और अब भोरे हर घटना में बेटियां असुरक्षित हैं. महिला सशक्तीकरण की बातें अब ढकोसला बन चुकी हैं.” माले नेता सुभाष पटेल, इन्नौस राज्य अध्यक्ष जितेंद्र पासवान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सभा को संबोधित किया और कहा कि यदि दोषियों को सजा नहीं मिली, तो आंदोलन और तेज किया जायेगा.

स्पीडी ट्रायल की मांग के साथ दी चेतावनी

विरोध कर रहे संगठनों और परिजनों ने मांग की कि इस केस में स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई हो और परिजनों को सुरक्षा मुआवजा और कानूनी सहायता दी जाये. चेतावनी दी कि अगर पुलिस और प्रशासन ने समय रहते न्याय नहीं दिलाया, तो यह आंदोलन जिले से निकलकर राज्य स्तर पर फैल जायेगा.

पुलिस का खुलासा – लड़की प्रेमी से मिलने गयी, डर कर की आत्महत्या

एसपी अवधेश दीक्षित ने रविवार को घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कहा था कि किशोरी 23 मई की रात अपने प्रेमी और उसके दोस्तों से मिलने गयी थी मिलने के बाद वह घर लौटने से डर रही थी, उसे लग रहा था कि परिवार उसे मार देगा. इसी कारण उसने आत्महत्या की. एसपी के अनुसार पुलिस के पास कॉल रिकॉर्ड, चैट मैसेज और दोस्तों के बयान जैसे प्रारंभिक डिजिटल साक्ष्य अब तक के अनुसंधान में मिले हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही गैंगरेप जैसे गंभीर आरोपों पर पुष्टि की जा सकेगी.

पुलिस ने तीन आरोपितों गिरफ्तार भेजा गया जेल

घटना की जांच करते हुए पुलिस ने तीनों नामजद आरोपितों मंटू कुमार अमित और बिट्टू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मंटू कुमार ने पुलिस को दिये बयान में स्वीकार किया कि वे तीनों शिल्पी को नहर के पास से लेकर गये थे. लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसे छोड़ने का दावा किया. यह बयान फिलहाल पुलिस की जांच के दायरे में है.

पुलिस को है एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और चैट हिस्ट्री के आधार पर आगे की पड़ताल कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट पर टिके कई सवाल फिलहाल पुलिस को शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट का इंतजार है जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत की असली वजह क्या थी.

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Author: GURUDUTT NATH

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