गोपालगंज से मनीष राज की रिपोर्ट
Gopalganj News : मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में आग लगने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे बिहार में प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. शुक्रवार को गोपालगंल के सभी जिलों में अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक पड़ताल शुरू की गई, वहीं शहर के बैंक्विट हॉल, होटल, लॉज और रेस्टोरेंट में भी विशेष जांच अभियान चलाया गया. जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमों ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों, इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म, हाइड्रेंट सिस्टम और अग्निशामक यंत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया. जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी उपकरण या तो अनुपस्थित मिले या अनुपयोगी हालत में पाए गए. बिजली के तारों की जर्जर स्थिति, ओवरलोड कनेक्शन और अव्यवस्थित वायरिंग भी सामने आई, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है.
अस्पतालों और होटलों को 15 दिन का अल्टीमेटम
टीम ने अस्पताल प्रबंधन से यह भी जांचा कि उन्होंने अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी लिया है या नहीं. कई निजी अस्पतालों में एनओसी लंबित या अनुपलब्ध पाया गया. अधिकारियों के अनुसार, जिन संस्थानों में पहले फायर ऑडिट हुआ था, वहां भी कई कमियों का अब तक सुधार नहीं किया गया है. अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में दर्जनों अस्पताल ऐसे हैं, जहां या तो नियमित फायर ऑडिट नहीं होता या फिर मानकों का पालन नहीं किया जाता. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संस्थानों को 15 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इधर, शहर में होटल, बैंक्विट हॉल और रेस्टोरेंट में भी जांच के दौरान रसोई में एलपीजी सिलेंडरों के असुरक्षित उपयोग, संकरे निकास मार्ग और अवरुद्ध सीढ़ियां जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई.
प्रशासन का सख्त संदेश: फायर सेफ्टी में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
कई जगहों पर आपातकालीन निकासी मार्ग तक बाधित मिले. प्रशासन ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि फायर सेफ्टी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अभियान आगे भी जारी रहेगा. वहीं डीएसपी विकास कुमार के द्वारा बताया गया कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिला व दिल्ली में होटल में आग लगने के बाद प्रशासन पूरी तरह चौकस हो गई है ,इसी संदर्भ में आज गोपालगंज के सभी सरकारी व निजी संस्थानों पर जांच अभियान चलाई गई, साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया कि जो भी कमियां है उसे विगत एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त करें नहीं तो उनके जुर्माना व जेल का भी प्रावधान किया जायेगा. वहीं जांच के दौरान डीएसपी विकास कुमार, सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी मनोज कुमार परवाना, अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी प्रेमचंद राम , सिपाही शंकर कुमार यादव, कीर्ति कुमार, निखिल कुमार सहित आधा दर्जन सिपाही रहे मौजूद.
Also Read : जेपीयू नामांकन: छपरा, सीवान और गोपालगंज से उमड़े आवेदन, 40 हजार पार पहुंचने की संभावना
