गोपालगंज से अजीत द्विवेदी की रिपोर्ट
Gopalganj News : पंचदेवरी में कई आंगनबाड़ी केंद्रों में कुव्यवस्था का आलम है. बाल विकास परियोजना के डीपीओ की जांच में यह पोल खुलकर सामने आयी है. दो जून को डीपीओ द्वारा प्रखंड क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें कई अनियमितताएं पायी गयीं. कहीं बच्चों को पोषाहार नहीं दिया जा रहा था, तो कहीं केंद्र पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला. कई केंद्रों पर साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पायी गयी. निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर डीपीओ ने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित सेविकाओं के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है. निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-49 पर सेविका एवं सहायिका तो मौजूद थीं, लेकिन बच्चों के लिए पोषाहार तैयार नहीं किया गया था. केंद्र पर मात्र 15 बच्चे उपस्थित मिले.
सेविकाओं पर कार्रवाई तय
वहीं, केंद्र संख्या-46 की स्थिति और भी चिंताजनक रही. यहां सेविका और सहायिका उपस्थित थीं, लेकिन एक भी बच्चा केंद्र पर नहीं मिला. बच्चों के लिए पोषाहार भी नहीं बनाया गया था तथा केंद्र परिसर में साफ-सफाई का अभाव पाया गया. केंद्र संख्या-111 पर 22 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गयी थी, लेकिन निरीक्षण के समय केवल सहायिका मौजूद थीं. सेविका बाद में केंद्र पर पहुंचीं. इतना ही नहीं, वे निर्धारित ड्रेस में भी नहीं थीं, जिसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना माना गया. केंद्र संख्या-84 पर केवल चार बच्चे उपस्थित मिले. यहां भी साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी. निरीक्षण के दौरान लगातार सामने आयीं अनियमितताओं को लेकर डीपीओ ने काफी नाराजगी जताते हुए सीडीपीओ को संबंधित केंद्रों की सेविकाओं के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
डीपीओ ने जवाब-तलब के दिए निर्देश
डीपीओ ने स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. ऐसे में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी. डीपीओ द्वारा जारी किये गये पत्र में यह बताया गया है कि केंद्रों की स्थिति से यह स्पष्ट है कि महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा समय-समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण नहीं किया जा रहा है. डीपीओ के निर्देश के बाद सीडीपीओ ने संबंधित सभी सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा है. उन्हें निर्धारित समय के भीतर जवाब देने को कहा गया है. यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित सेविकाओं पर नियमानुसार कार्रवाई भी तय है. स्पष्टीकरण व कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन जिला कार्यालय को शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश भी डीपीओ ने सीडीपीओ को दिया है.
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