Gopalganj News: (प्रशांत पाठक) गोपालगंज जिले के उचकागांव प्रखंड अंतर्गत जगरनाथ बाजार में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण के खिलाफ स्थानीय प्रशासन ने कमर कस ली है.अंचल अधिकारी (सीओ) विकेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन अब अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर चलाने की अंतिम तैयारी में जुट गया है. लंबे समय से सरकारी जमीन पर जमे अतिक्रमणकारियों को प्रशासन की ओर से अब कड़ी चेतावनी दी गई है.
अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की सख्त रणनीति
जगरनाथ बाजार के बिरवट बाजार रोड स्थित बहुमूल्य सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था. अंचल प्रशासन द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे. हालांकि, नोटिस का वांछित असर नहीं हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने अब कठोर प्रशासनिक कार्रवाई का मन बना लिया है.
सीओ विकेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में पहले ही सभी अतिक्रमणकारियों की विधिवत पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और उनके खिलाफ नियमानुसार ‘अतिक्रमण वाद’ की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. अब तक की कार्रवाई के दौरान प्रशासन के दबाव में केवल एक व्यक्ति ने स्वेच्छा से अपनी जमीन खाली की है, लेकिन शेष अतिक्रमणकारियों ने अभी भी सरकारी भूमि पर अपना कब्जा बरकरार रखा है.
पुलिस बल की प्रतीक्षा में कार्रवाई
सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है. सीओ विकेश कुमार ने इस स्थिति पर कहा कि बुलडोजर चलाना अब प्रशासन के पास अंतिम और एकमात्र विकल्प रह गया है. उन्होंने अपनी विवशता प्रकट करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की आवश्यकता होती है. जिला मुख्यालय से पुलिस बल की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक बल की उपलब्धता न हो पाने के कारण कार्रवाई में अपेक्षित देरी हो रही है.
अंतिम चेतावनी के बाद भी डटे हैं अतिक्रमणकारी
प्रशासन का कहना है कि जैसे ही उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सुरक्षा बल उपलब्ध हो जाएंगे, जगरनाथ बाजार में बुलडोजर कार्रवाई को तुरंत अंजाम दिया जाएगा.
प्रशासन ने अतिक्रमण कारियों को एक बार फिर चेतावनी दी है कि वे स्वयं ही सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटा लें. सीओ ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन को स्वयं कार्रवाई करनी पड़ी, तो इस दौरान होने वाली संपत्ति की क्षति और कानूनी हर्जाने की पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की होगी. प्रशासन के इस रुख से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है.
यह कार्रवाई केवल जगरनाथ बाजार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अंचल प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में प्रखंड क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी सरकारी भूमि को चिह्नित कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराने का सघन अभियान चलाया जाएगा. फिलहाल, पूरे क्षेत्र में प्रशासन के इस सख्त फैसले की चर्चा जोरों पर है.
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