Gopalganj News: जिले के तीन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) अब भी बिना चारदीवारी के संचालित हो रहे हैं. छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी यह गंभीर स्थिति शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आई. प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा के डीपीओ शिवम ने सभी केजीबीवी की प्रधानाध्यापक-सह-संचालकों के साथ नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की. इस दौरान थावे, बैकुंठपुर और भोरे प्रखंड के विद्यालयों में अब तक चारदीवारी नहीं बनने का मामला प्रमुखता से उठा.
चारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
डीपीओ शिवम ने कहा कि चारदीवारी के अभाव में इन विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ रखी जानी चाहिए. संबंधित विद्यालयों को स्थानीय थाना से समन्वय स्थापित कर परिसर के आसपास नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही छात्रावास और विद्यालय परिसर की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी गई.
सीसीटीवी बंद मिला तो होगी कार्रवाई
बैठक में सभी विद्यालयों को परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखने का निर्देश दिया गया. डीपीओ ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि कैमरे बंद मिले या सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी पाई गई तो संबंधित प्रधानाध्यापक-सह-संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की निगरानी, आगंतुकों का रिकॉर्ड और सभी आवश्यक पंजियों को नियमित रूप से अद्यतन रखने का भी निर्देश दिया गया.
एक सप्ताह में पूरा करना होगा शत-प्रतिशत नामांकन
समीक्षा बैठक में सभी केजीबीवी को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत नामांकन पूरा करने का लक्ष्य दिया गया. विशेष रूप से भोरे, सिधवलिया और मांझा प्रखंड में दिव्यांग वर्ग की 25 पात्र बच्चियों का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित करने को कहा गया.
आधारभूत सुविधाएं जल्द दुरुस्त करने के निर्देश
डीपीओ ने विद्यालयों में रंग-रोगन, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और छात्रावास की अन्य आधारभूत सुविधाओं को शीघ्र दुरुस्त करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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