Gopalganj Population Stabilization Fortnight : गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया. 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा.
सिविल सर्जन ने किया अभियान का शुभारंभ
मॉडल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. इसरायल ने फीता काटकर जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का शुभारंभ किया. उन्होंने बताया कि यह अभियान बिहार सरकार और राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर पूरे जिले में चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करना और जनसंख्या स्थिरता को बढ़ावा देना है.
परिवार नियोजन का दिया गया संदेश
सिविल सर्जन ने कहा कि "छोटा परिवार, सुखी परिवार" के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है. अभियान के दौरान दंपतियों को बच्चों के बीच उचित अंतर, सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी.
सदर अस्पताल में उपलब्ध हैं सभी सुविधाएं
सदर अस्पताल में परिवार नियोजन से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं. इनमें गर्भनिरोधक साधन, अंतरा इंजेक्शन, कॉपर-टी और नसबंदी जैसी सेवाएं शामिल हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इन सेवाओं का लाभ उठाकर स्वस्थ और खुशहाल परिवार बनाने की अपील की है.
घर-घर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
अभियान के दौरान जिले के सभी प्रखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर परिवार नियोजन के महत्व की जानकारी देंगे. विशेष रूप से नवविवाहित दंपतियों और प्रजनन आयु वर्ग के लोगों को जागरूक किया जाएगा.
परिवार नियोजन अपनाने पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विभिन्न परिवार नियोजन सेवाओं पर लाभार्थियों और उत्प्रेरकों के लिए प्रोत्साहन राशि भी निर्धारित की गई है. पुरुष नसबंदी पर लाभार्थी को 3000 रुपये और उत्प्रेरक को 400 रुपये मिलेंगे. महिला बंध्याकरण पर 2000 रुपये और उत्प्रेरक को 300 रुपये दिए जाएंगे. प्रसव उपरांत बंध्याकरण पर 3000 रुपये तथा उत्प्रेरक को 400 रुपये मिलेंगे. वहीं प्रसव उपरांत कॉपर-टी और गर्भपात उपरांत कॉपर-टी अपनाने पर लाभार्थी को 300 रुपये और उत्प्रेरक को 150 रुपये दिए जाएंगे. गर्भनिरोधक सूई (अंतरा) अपनाने पर लाभार्थी और उत्प्रेरक दोनों को 100-100 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी.
