gandak river flood: तिब्बत के नजदीक ग्लेशियर लेक होने के बाद गंडक नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर गोपालगंज जिला प्रशासन हाइअलर्ट मोड में आ गया है. निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गयी है. प्रशासन ने अगले 48 घंटे तक लोगों को नदी की ओर नहीं जाने की सलाह दी है. खासकर मछुआरों और नाविकों को नदी में नहीं जाने का निर्देश दिया गया है.
नेपाल के देवघाट में करीब 2.47 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में डिस्चार्ज होने की सूचना है. इसमें करीब 30 हजार क्यूसेक पानी गंडक नहर में जाने की संभावना है, जबकि शेष करीब 2.17 लाख क्यूसेक पानी वाल्मीकिनगर के रास्ते गंडक नदी में पहुंच सकता है. इससे नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है.
डीएम ने तटबंधों का किया निरीक्षण
डीएम समीर सौरभ ने जल संसाधन विभाग की टीम के साथ मंगलपुर से पतहरा सहित विभिन्न तटबंधों का निरीक्षण किया. उन्होंने तटबंधों की स्थिति का जायजा लेने के साथ संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया.
निरीक्षण के बाद डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक एहतियाती एवं प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. संबंधित पदाधिकारियों और विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई की जा सके.
निचले इलाकों में माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा जागरूक
गंडक नदी के आसपास के गांवों में प्रशासन की ओर से माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है. सदर प्रखंड के जादोपुर दुखहरण सहित कई इलाकों में सीओ और स्थानीय अधिकारियों की टीम पहुंचकर लोगों को नदी से दूर रहने की अपील कर रही है.
लोगों से कहा जा रहा है कि नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि की स्थिति में अनावश्यक रूप से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप नहीं जाएं. प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गयी है.
संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की विशेष नजर
सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. गंडक नदी के जलस्तर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति का नियमित आकलन किया जा रहा है.
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा है. स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है.
48 घंटे अहम, नदी में जाने पर रोक
गंडक नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए अगले 48 घंटे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से इस दौरान नदी की ओर नहीं जाने की अपील की है. मछली पकड़ने और नाव चलाने जैसी गतिविधियों पर भी रोक रखने का निर्देश दिया गया है.
प्रशासन का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रखा गया है.
आगे का प्लान क्या है
- नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी: गंडक नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की नियमित रिपोर्ट ली जाएगी और संवेदनशील स्थानों पर अधिकारियों की निगरानी रहेगी.
- तटबंधों की निगरानी बढ़ेगी: मंगलपुर, पतहरा समेत सभी संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण जारी रहेगा. जरूरत पड़ने पर जल संसाधन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचेगी.
- निचले इलाकों में माइकिंग: नदी के आसपास के गांवों में लगातार माइकिंग कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी से दूरी बनाए रखने की अपील की जाएगी.
- 48 घंटे तक विशेष सतर्कता: अगले 48 घंटे तक नदी में जाने पर रोक का सख्ती से पालन कराया जाएगा. मछुआरों और नाविकों को भी नदी से दूर रहने के लिए कहा गया है.
- जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग: यदि जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो निचले और संवेदनशील इलाकों के लोगों को ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी.
- प्रशासनिक टीमें रहेंगी अलर्ट: बीडीओ, सीओ, पुलिस और जल संसाधन विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर रखेंगे.
- अफवाहों से बचने की अपील: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा नहीं करें. बाढ़ से जुड़ी जानकारी के लिए प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
प्रशासन ने कहा, घबराने की जरूरत नहीं
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि संभावित बाढ़ को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है. प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है.
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