गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj Education News: जिले में उच्च शिक्षा को नया विस्तार देने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गयी हैं. नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों को जल्द संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है. इसी को लेकर बुधवार को जिला पदाधिकारी समीर सौरभ की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में महाविद्यालयों के संचालन से जुड़ी तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों और लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गयी. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय और जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.
मूलभूत सुविधाओं और मरम्मत पर विशेष ध्यान
समीक्षा के दौरान महाविद्यालय भवनों और परिसरों में चल रहे मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की गहन जांच की गयी. जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सभी भवनों को समय पर तैयार किया जाए ताकि नया सत्र शुरू होने से पहले किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो. इसके साथ ही सभी महाविद्यालयों में शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, शौचालय, साफ-सफाई, छात्रों के बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. बैठक में यह भी तय हुआ कि कॉलेज खुलने के पहले परिसर में छात्रों के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं.
विद्यार्थियों के लिए सुलभ होगी परिवहन व्यवस्था
महाविद्यालयों तक विद्यार्थियों की पहुंच को सुगम और आसान बनाने के लिए परिवहन व्यवस्था की भी विशेष समीक्षा की गयी. पिक बस की व्यवस्था और उसके रूट निर्धारण से संबंधित तैयारियों पर चर्चा करते हुए जिला पदाधिकारी ने परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया. उनका कहना था कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए. स्थानीय स्तर पर बेहतर परिवहन मिलने से कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति और उनका शैक्षणिक प्रदर्शन भी बेहतर हो सकेगा.
परिसर की सुरक्षा और समय सीमा का पालन
समीक्षा बैठक में महाविद्यालय परिसरों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. कॉलेज परिसरों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से चौकीदार और रात्रि प्रहरी की समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. डीएम समीर सौरभ ने कहा कि नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के शुरू होने से जिले के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने अंत में विभिन्न विभागों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदनों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ही सभी कार्य पूरे किये जाएं, ताकि उद्घाटन में कोई देरी न हो.
