Bihar Flood: (मनीष राज) गंडक नदी और आसपास के दियारा क्षेत्रों में बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है. इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर सौरभ ने शनिवार को डुमरिया घाट तटबंध का निरीक्षण किया और बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया.
डुमरिया घाट तटबंध का किया निरीक्षण
डीएम समीर सौरभ ने डुमरिया घाट तटबंध पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया. डीएम ने स्पष्ट कहा कि तटबंध की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंध पर किसी तरह का दबाव, कटाव या क्षति दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
गंगा के जलस्तर को लेकर भी प्रशासन सतर्क
गोपालगंज में गंडक नदी के साथ गंगा नदी के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है. गंगा में पानी अधिक होने की स्थिति में गंडक नदी में बैकवाटर का प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है. इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में पानी का दबाव बढ़ सकता है.
इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों को नदी और तटबंधों की स्थिति पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है.
नेपाल से आने वाले पानी और मलबे पर भी नजर
गंडक नदी के नेपाल से होकर बिहार में प्रवेश करने के कारण नेपाल की ओर से आने वाले पानी और नदी के बहाव में होने वाले बदलाव पर भी प्रशासन नजर रख रहा है. अधिकारियों को नदी में आने वाले मलबे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों की स्थिति पर निगरानी रखने को कहा गया है.
किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल जिला प्रशासन को सूचना देने का निर्देश दिया गया है.
मंगलपुर पुल और सारण तटबंध का भी लिया जायजा
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए डीएम समीर सौरभ मंगलपुर पुल और आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति की जानकारी ली थी.
इसके अलावा सारण तटबंध के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर सुरक्षात्मक कार्यों की स्थिति भी देखी गयी. अधिकारियों को तटबंधों पर लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया गया है.
तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी की तैयारी
जिला प्रशासन का मुख्य फोकस तटबंधों और नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों पर है. डुमरिया घाट समेत प्रमुख स्थानों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है. अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है.
नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने की अपील की गयी है.
NDRF-SDRF और नावों को रखा गया तैयार
राज्य स्तर पर भी बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां की गयी हैं. संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रखा गया है. सरकारी नावों को भी जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य में इस्तेमाल के लिए तैयार रखा गया है.
आवश्यकता पड़ने पर इन संसाधनों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जायेगी.
मुख्यमंत्री ने भी बाढ़ तैयारियों की समीक्षा की
बिहार में संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से भी अधिकारियों से लगातार जानकारी ली जा रही है. अधिकारियों को तटबंधों की निगरानी, संवेदनशील इलाकों में सतर्कता और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं.
दियारा क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
गंडक नदी के किनारे बसे दियारा क्षेत्रों के लोगों की नजर नदी और तटबंधों की स्थिति पर बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है.
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. प्रशासन ने अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है.
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