Gopalganj News : जिले में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नामांकित छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत प्रोग्रेशन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शिवम ने जिले के 580 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को अंतिम चेतावनी जारी की है. विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 23 जुलाई तक हर हाल में सभी विद्यार्थियों का प्रोग्रेशन पूरा किया जाए. निर्धारित समय सीमा के बाद भी कार्य अधूरा मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापक का जुलाई माह का वेतन स्थगित कर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाएगी.
580 विद्यालयों में अब तक पूरा नहीं हुआ प्रोग्रेशन
शिक्षा विभाग के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं का प्रोग्रेशन अनिवार्य है. इसके बावजूद जिले के 580 मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय अब तक शत-प्रतिशत प्रोग्रेशन रिपोर्ट अपलोड नहीं कर सके हैं. विभाग ने इसे कार्य के प्रति शिथिलता, घोर लापरवाही और वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना है.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राज्य परियोजना निदेशक ने जताई नाराजगी
डीपीओ ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक ने साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान गोपालगंज समेत अन्य जिलों के विद्यालयों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा तक प्रोग्रेशन पूरा नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
23 जुलाई तक का अंतिम मौका, नहीं तो रुकेगा वेतन
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को 23 जुलाई तक सभी विद्यार्थियों का ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रोग्रेशन पूरा करने का अंतिम अवसर दिया है. आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि समय सीमा के बाद लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक का जुलाई माह का वेतन रोक दिया जाएगा. साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी जाएगी.
बीईओ और आईसीटी कोऑर्डिनेटरों को भी दिए गए निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) और प्रखंड आईसीटी कोऑर्डिनेटरों को भी अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है. विभाग ने कहा है कि 23 जुलाई तक प्रत्येक विद्यालय में शत-प्रतिशत प्रोग्रेशन सुनिश्चित कराया जाए. आदेश को अति आवश्यक श्रेणी में जारी करते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
