दोस्तों ने युवक को घर बुलाकर चाकू मार की हत्या, दरवाजे पर शव फेंक हुए फरार, विरोध में लाेगों ने किया रोड जाम

श्रीपुर थाने के साहूचक गांव में सोमवार की देर शाम एक युवक को घर से बुलाकर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गयी. हत्या के बाद उसके पैरों के नाखून भी निकाल लिये गये.

फुलवरिया. श्रीपुर थाने के साहूचक गांव में सोमवार की देर शाम एक युवक को घर से बुलाकर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गयी. हत्या के बाद उसके पैरों के नाखून भी निकाल लिये गये. मृतक के दोस्तों पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है. मृतक की पहचान राकेश कुमार यादव के रूप में की गयी है, जो विजयमल यादव का 25 वर्षीय पुत्र था. मंगलवार की सुबह बंशी बतरहां बाजार में आक्रोशित परिजनों ने सड़क को जाम कर दिया. शव को रखकर मीरगंज-भोरे पथ को जाम किया और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की. करीब ढाई घंटे तक सड़क पर वाहनों का परिचालन ठप रहा. वहीं, घटना की सूचना पाकर श्रीपुर व फुलवरिया थाने की पुलिस के साथ हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता पहुंचे. एसडीपीओ ने घटना की जांच की और परिजनों से पूछताछ की. एसडीपीओ के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हो गये. पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराकर गहनता से जांच में जुटी है. उधर, घटना के बाद से सभी आरोपित घर छोड़कर फरार बताये जा रहे हैं. मृतक की मां बिंदु देवी का आरोप है कि सोमवार की शाम के करीब 5:30 बजे राकेश कुमार यादव को घर पर बुलाने के लिए उसके दोस्त केवल यादव के पुत्र दीना यादव और अनिरुद्ध महतो के पुत्र नागमणि महतो आये थे. दोनों एक श्राद्धकर्म में शामिल होने की बात बोलकर राकेश कुमार यादव को लेकर चले गये. कुछ ही घंटे बाद करीब 8:30 दीना यादव, नागमणि महतो व दो अज्ञात युवक पहुंचे और राकेश कुमार यादव का शव दरवाजे पर फेंककर फरार हो गये. राकेश का पूरा शरीर खून से लथपथ था और उसके पैरों के नाखून निकाल लिये गये थे. परिजनों ने बताया कि राकेश कुमार यादव पुणे में रहकर एक निजी पावर प्लांट कंपनी में काम करता था. परिजनों के मुताबिक 15 दिन पहले ही अपने बड़े भाई दीपक कुमार यादव की शादी में घर आया था. शादी संपन्न होने के बाद आठ मई को पुणे जानेवाला था, लेकिन इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गयी. हत्या की वजह पता नहीं चल सकी है. राकेश कुमार अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था. बड़े भाई की शादी के कुछ ही दिन बाद उसकी हत्या होने से पूरा परिवार सदमे में डूबा था. राकेश की माता बिंदु देवी और बहन का रो-रोकर बुरा हाल था. बेटे का शव लेकर महिलाओं के साथ सड़क पर उतरी बिंदु देवी पुलिस अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगा रही थी. परिजनों का कहना है कि राकेश कुमार यादव की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर हत्या क्यों कर दी गयी.

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