gopalganj news : गोपालगंज. विजयीपुर में 27 वर्ष पहले हुए हाइप्रोफाइल मुखिया की हत्या में सुनवाई करते हुए जिला जज तीन विभा द्विवेदी के कोर्ट ने चार आरोपितों को दोषी करार दिया.
अब इस कांड में 28 जनवरी को फैसला आयेगा. कोर्ट ने पाया कि कांड के आरोपितों ने सरेआम चौराहे पर मुखिया को पकड़कर घटना को अंजाम दिया था. दोषी करार देने के साथ ही पुलिस ने पहवारी शर्मा, जयप्रकाश भगत, विनोद राम व सुनील कमकर को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया. कोर्ट में जब दोषी करार दिये गये, तो चारों आत्मग्लानी की अग्नि से जलने लगे. चेहरे पर साफ निराशा दिखी. जवानी के जोश में वारदात को अंजाम दिया, पूरा जीवन कोर्ट का चक्कर काटे. वहीं इंसाफ की आस में पीड़ित पक्ष भी कोर्ट में हर तारीख पर आकर पैरवी करते रहे. केस जब जिला जज विभा द्विवेदी के कोर्ट में पहुंचा, तो इसमें तेजी आ गयी. उधर आरोपितों को अब बुढ़ापे में सजा भुगतना पड़ेगा. बचाव पक्ष के अधिवक्ता वैद्यनाथ मिश्र ने कोर्ट को चारों को निर्दोष बताते हुए अपनी तरफ से साक्ष्य उपलब्ध कराये. जबकि अभियोजन पक्ष से संतोष कुमार सिंह की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा के लिए 28 जनवरी की तिथि मुकर्रर की.हरदिया नाले पर पकड़ कर की गयी थी हत्या
विजयीपुर थाने में दर्ज कांड में मृतक के पुत्र राम बचन सिंह ने कांड दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि विजयीपुर थाना क्षेत्र के नवकागांव के रहने वाले पंचायत के मुखिया मंगल सिंह छह जनवरी, 1999 को पेंशन का पैसा बंटवा कर विजयीपुर ब्लॉक से घर लौट रहे थे. हरदिया नाले के पास पहुंचे थे कि पहले से मौजूद नवका गांव के ही रहने वाले पहवारी शर्मा, विनोद राम व बभनौली के गांव के सुनील कमकर व जयप्रकाश भगत ने मिलकर पकड़ लिया. चारों ने उनको पकड़कर पटकने के बाद चाकू से गला काट कर हत्या कर दी.कोर्ट में इनकी गवाही से दोषी होने का मिला साक्ष्य
कोर्ट में अभियोजन पक्ष से कांड के सूचक राम बचन सिंह, विश्वनाथ सिंह, स्वतंत्र साक्षी राम नक्षत्र यादव, इंदल सिंह, वीरेंद्र सिंह व डॉ अशोक चौधरी की गवाही में आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाया गया. इनकी गवाही आरोपितों के दोष को सिद्ध कर दिया. हालांकि कांड का आइओ गवाही देने कोर्ट में नहीं पहुंच सका था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
