Gopalganj Teacher Training: सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर इस बार सख्त व्यवस्था लागू की है. सोमवार (13 जुलाई) से जिले के 310 शिक्षक-शिक्षिकाओं का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू होगा. प्रशिक्षण में सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के 120 चयनित शिक्षक तथा प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में कक्षा 3 से 5 तक पढ़ाने वाले 190 शिक्षक-शिक्षिकाएं भाग लेंगे.
समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शिवम ने बताया कि राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निर्देश पर 13 से 17 जुलाई तक आयोजित इस प्रशिक्षण में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि देर से पहुंचने, बिना सूचना अनुपस्थित रहने, मोबाइल का उपयोग करने या अन्य किसी प्रकार के अनुशासनहीन व्यवहार पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
दो प्रशिक्षण केंद्रों पर होगा आयोजन
डीपीओ शिवम के अनुसार मॉडल स्कूल के 120 शिक्षकों में से 60 शिक्षकों को डायट थावे तथा 60 शिक्षकों को एससीईआरटी पटना में प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं कक्षा 3 से 5 तक के 190 शिक्षक-शिक्षिकाओं का प्रशिक्षण डायट थावे में आयोजित होगा.
स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण में भेजा जा रहा है. सभी प्रतिभागियों को 12 जुलाई की शाम तक अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्र पर रिपोर्ट करना अनिवार्य किया गया था. प्रशिक्षण के पहले दिन सुबह 9 बजे के बाद पहुंचने वाले शिक्षकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. वहीं बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वालों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
दिन में तीन बार होगी फेस रिकॉग्निशन आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी
प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक शिक्षक की फेस रिकॉग्निशन आधारित बायोमेट्रिक मशीन से प्रतिदिन तीन बार उपस्थिति दर्ज की जाएगी.
- सुबह योग एवं पीटी के बाद
- दोपहर भोजनावकाश के समय
- रात के भोजन के बाद
यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय पर एक भी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराता है, तो उससे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित शिक्षक के आधे दिन के वेतन की कटौती की अनुशंसा जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी जाएगी.
एससीईआरटी ने सभी प्रशिक्षण केंद्रों को पहले दिन सुबह 10 बजे तक फेस रजिस्ट्रेशन पूरा करने, बायोमेट्रिक मशीन अपडेट रखने तथा बिजली एवं इंटरनेट की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध, ड्रेस कोड रहेगा अनिवार्य
यह प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय होगा. प्रत्येक दिन सुबह 5:30 बजे योग एवं पीटी से गतिविधियां शुरू होंगी. इसके बाद गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह चर्चा, विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान तथा कक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे.
प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग, फोटो खींचना तथा वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. पुरुष एवं महिला शिक्षकों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है. योग एवं पीटी के दौरान ट्रैक सूट और स्पोर्ट्स शू पहनना अनिवार्य होगा.
बिना अनुमति अवकाश नहीं, रात 10:30 बजे तक हॉस्टल में रहना होगा अनिवार्य
विभाग के निर्देशानुसार सामान्य परिस्थितियों में किसी भी शिक्षक को प्रशिक्षण के दौरान अवकाश नहीं दिया जाएगा. निजी वाहन, परिवार के सदस्य या अन्य किसी व्यक्ति के प्रशिक्षण परिसर में रहने की अनुमति भी नहीं होगी.
इसके अलावा रात 10 बजे के बाद प्रशिक्षण परिसर में आवाजाही पर रोक रहेगी तथा सभी प्रतिभागियों को रात 10:30 बजे तक हॉस्टल में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी.
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस तरह के अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से शिक्षकों की दक्षता बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मिलेगा.
