Gopalganj News : विजयीपुर थाना परिसर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब जर्जर थाना भवन की छत का एक हिस्सा टूटकर सिरिस्ता में बैठे चौकीदार के सिर पर जा गिरा. हादसे में चौकीदार को हल्की चोटें आयीं. वहीं, उसके आसपास बैठे अन्य पुलिसकर्मी भी बाल-बाल बच गये.
बड़ा हिस्सा बगल में गिरा, टल गया बड़ा हादसा
बताया जाता है कि छत से टूटकर गिरा बड़ा हिस्सा चौकीदार के बगल में गिरा, जबकि एक छोटा टुकड़ा सीधे उसके सिर पर जा लगा. घटना के बाद थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया. गनीमत रही कि छत का बड़ा हिस्सा किसी पुलिसकर्मी के ऊपर नहीं गिरा, अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता था. घटना के बाद जर्जर भवन में काम कर रहे पुलिसकर्मियों की चिंता और बढ़ गयी है.
वर्षों पुराने जर्जर भवन में चल रहा थाना
विजयीपुर थाना वर्षों पुराने गन्ना विभाग के जर्जर भवन में संचालित हो रहा है. भवन की स्थिति इतनी खराब है कि यहां कार्यरत पुलिसकर्मियों के लिए पर्याप्त कार्यालय और रहने की समुचित व्यवस्था नहीं है. छत और दीवारें कई जगहों पर जर्जर हो चुकी हैं. ऐसे में कब छत या दीवार का कोई हिस्सा टूटकर गिर जाये, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है.
बारिश में बढ़ जाता है छत गिरने का खतरा
बरसात के दिनों में पुलिसकर्मियों की परेशानी और बढ़ जाती है. छत से पानी टपकने के साथ जर्जर हिस्सों के गिरने का खतरा भी बना रहता है. पुलिसकर्मियों का कहना है कि दिन-रात ड्यूटी करने के बाद थाना परिसर में लौटने पर जर्जर भवन के कारण सुरक्षित तरीके से आराम करना भी मुश्किल हो जाता है.
छत के नीचे तिरपाल लगाकर रहने की मजबूरी
जर्जर छत से मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए थाना भवन के कुछ कमरों में पुलिसकर्मियों ने छत के नीचे तिरपाल लगा रखी है. इसका उद्देश्य रात में सोते समय छत का कोई हिस्सा सीधे शरीर पर गिरने से बचाव करना है. पुलिसकर्मियों का कहना है कि मजबूरी में इसी जर्जर भवन में रहकर ड्यूटी करनी पड़ रही है.
समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो हो सकता है बड़ा हादसा
शनिवार की घटना ने एक बार फिर विजयीपुर थाना भवन की जर्जर स्थिति पर सवाल खड़ा कर दिया है. स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों का कहना है कि समय रहते भवन की मरम्मत या सुरक्षित भवन की व्यवस्था नहीं की गयी, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है. पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए जर्जर भवन की स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.
