गोपालगंज. भोरे के रामनगर मठ पर पिछले तीन दिनों से चल रही हनुमंत कथा को सुनाने पहुंचे आचार्य पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश की सरकार अगर साथ दे और पाकिस्तान से परमिशन मिले, तो वहां भी जाकर राम कथा सुनायेंगे. वैशाली जिले में प्रशासन से परमिशन नहीं मिलने पर बाबा ने कहा कि बिहार में इसके पहले भी कथा सुनाने आये थे. आज गोपालगंज में कथा कर रहे हैं. हमें राजनीति से कोई लेना- देना नहीं है. कौन विधायक है काैन सांसद है मुझे पता नहीं. अगर कोई कहता है कि बिहार में चुनाव के पूर्व माहौल बिगाड़ रहे हैं, तो बंगाल में लुटता हुआ, मणिपुर में जलता हुआ देश को हम नहीं देख सकते. हम देश में शांति, अमन कायम रहे व भारत विश्व गुरु बने ये चाहते हैं. हम देश को बचाने के लिए जी रहे हैं. हम चुनाव लड़ने थोड़े ही आये हैं. मैंने अभी बागेश्वर में कार्यक्रम किया. अभी यूपी के मेरठ में चुनाव तो नहीं है. कुछ लोग बोल रहे तो उनको छोड़ेंगे भी नहीं. हिंदुत्व को जगाने के लिए जरूरत पड़ी, तो बिहार में ही मठ बना लेंगे. वे विरोध करते रहें, यह देश बाबर व औरंगजेब का नहीं है. यह देश राम-कृष्ण, सुभाष चंद्र बोस, चद्रशेखर आजाद, भगत सिंह का है.
बाबा ने कहा, हिंदू समाज की सेवा करना की उद्देश्य :
पं. धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विरोधियों पर तीखा प्रहार किया और कहा, अरे तुम घुसपैठियों को रोक नहीं पाये, तो हमें क्या रोक पाओगे? बिहार हमारा है, हम बिहार के हैं. हर शनिवार बालाजी में लाखों लोग आते हैं, रोते हुए आते हैं और हंसते हुए जाते हैं. इस हिंदुस्तान का हिंदू न बंटेगा, न घटेगा, एक होकर रहेगा. पंडित शास्त्री ने यह भी कहा कि उनका जीवन का उद्देश्य हमेशा हिंदू समाज की सेवा करना है और वे कभी भी कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे हिंदू समाज को झुकना पड़े. उन्होंने कहा, कोई ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे हिंदुओं को शर्मिंदा होना पड़े. हम सच्चे हिंदू हैं और हमेशा हिंदू धर्म की रक्षा करेंगे. भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि ये शुरुआत बिहार से ही होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
