दीपावली पर मिट्टी के दीयों की बढ़ गयी मांग, कुम्हारों के चक्के ने पकड़ी रफ्तार

गोपालगंज. दीपावली पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बाजार में मिट्टी के दीयों की मांग तेजी से बढ़ गयी है.

गोपालगंज. दीपावली पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बाजार में मिट्टी के दीयों की मांग तेजी से बढ़ गयी है. इसी के साथ कुम्हारों के चक्के फिर से रफ्तार पकड़ते नजर आ रहे हैं. गोपालगंज की हजियापुर पंचायत के कैथवलिया गांव में कुम्हार दिन-रात मेहनत कर मिट्टी के दीये, ढकनी और अन्य सजावटी सामान तैयार करने में जुटे हैं. कुम्हारों का कहना है कि इस बार बाजार में भले ही चाइनीज लाइट और मोमबत्तियों की भरमार है, लेकिन लोगों की रुचि एक बार फिर देसी दीयों की ओर बढ़ी है. उनका मानना है कि मिट्टी के दीये न केवल पर्यावरण हितैषी हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कुम्हार देवचंद ने बताया कि इस बार बाजार में मिट्टी के दीयों की मांग पहले से काफी अधिक है. उनका कहना है कि लोग अब फिर से पारंपरिक दीयों की ओर लौट रहे हैं. “उम्मीद है कि इस बार लोग अपने घरों में मिट्टी के दीये ही जलायेंगे, जिससे हमारे जैसे कारीगरों को भी रोजगार मिलेगा, उन्होंने कहा कि त्योहार के मद्देनजर गांवों में दीये पकाने और रंगाई का काम जोरों पर है. महिलाएं भी इस काम में पुरुषों का हाथ बंटा रही हैं. स्थानीय बाजारों में मिट्टी के दीयों की चमक दिखाई देने लगी है. बढ़ती मांग से कुम्हारों के चेहरों पर खुशी झलक रही है और गांवों में दीपावली की रौनक पहले से अधिक दिख रही है.

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Author: GOVIND KUMAR

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