गोपालगंज. जिला मुख्यालय स्थित गायत्री मंदिर के परिसर में राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के छठे अधिवेशन की रूपरेखा तय करने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की गयी. बैठक की अध्यक्षता पूर्व एपीपी नागेश्वर प्रसाद सिंह ने की. इसमें सर्वसम्मति से तीन दिवसीय अधिवेशन आयोजित करने का निर्णय लिया गया. इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ उमाशंकर साहू ने कहा कि माता थावे भवानी के आंगन में प्रस्तावित यह अधिवेशन भोजपुरी आंदोलन को नयी दिशा और धार प्रदान करेगा. वहीं महासचिव डॉ कुमार कौशल ने कहा कि भोजपुरी भाषा की लड़ाई को अंतिम अंजाम तक पहुंचाना संस्थान की जिम्मेदारी है और इसके लिए संगठन पूरी मजबूती से कार्य करेगा. छठे अधिवेशन के लिए डॉ गोरखनाथ गुंजन को संयोजक, डॉ जय हिंद साह को स्वागताध्यक्ष, संजय श्रीवास्तव को महासचिव, सुनील कुमार श्रीवास्तव व जयेंद्र शुक्ल को सचिव, कुमार संजय को उपाध्यक्ष तथा मिथिलेश गौतम, देव कुमार एवं नागेश्वर प्रसाद सिंह को विभिन्न दायित्व सौंपे गए. उपसमितियों का भी गठन किया गया, जिसमें पत्राचार एवं पंजीयन समिति में श्यामकिशोर पांडेय, कन्हैया चौरसिया व संदीप कुमार शामिल हैं. रंगयात्रा एवं मेला समिति में अनिल कुमार गुप्ता व देवकुमार गुप्ता अधिवक्ता, जबकि सांस्कृतिक समिति में मनोज शर्मा, मधुसूदन प्रसाद, रियाज अली साहिल व मिथिलेश कुमार गौतम को जिम्मेदारी दी गयी. बैठक में अनिल कुमार गुप्ता, गोरखनाथ गुंजन, हीरालाल साहू, प्रो. रामायोदय प्रसाद, सिद्धेश्वर शाही, कन्हैया चौरसिया, मनोज शर्मा व्यास, प्रो. कुमार कौशल, गुड्डू सिंह, डीएन सिंह, संदीप कुमार, कुमार संजय, अमृत कुमार पांडेय, अनीश उपाध्याय, गणेश साह, उमेश कुमार, जगतनारायण साह, मधुसूदन तिवारी, मधु राजेश, मुकेश त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे. नवनियुक्त स्वागताध्यक्ष ने कहा कि यह अधिवेशन भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए यादगार साबित होगा. कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार गुप्ता ने किया.
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