Hathua Junction: हथुआ जंक्शन पर रेल सुविधाओं की कमी और लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर मीरगंज के गणेश लॉज में नागरिक अधिकार मंच (रेल) की बैठक हुई. बैठक में हथुआ अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने ट्रेनों के ठहराव, समय-सारणी में सुधार और हथुआ-भटनी-सीवान रेलखंड के लंबित कार्य को लेकर चर्चा की.
बैठक में मीरगंज, मटिहानी, जिगना जगन्नाथ, सवरेजी, छाप, सोहागपुर, हथुआ, बथुआ, लाइन बाजार, बड़कागांव और उचकागांव समेत कई क्षेत्रों के लोग शामिल हुए. इस दौरान रेल सुविधाओं को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 100 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन भी किया गया.
पंचदेवरी-भटनी रेलखंड का काम शुरू कराने की मांग
वक्ताओं ने कहा कि भटनी-सीवान रेलखंड के पंचदेवरी से भटनी के बीच करीब 22 किलोमीटर हिस्से में अब तक काम शुरू नहीं हुआ है. लोगों ने इस लंबित कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग की.
बैठक में हथुआ जंक्शन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और समय-सारणी में आवश्यक बदलाव की मांग भी दोहरायी गयी. वक्ताओं का कहना था कि क्षेत्र की आबादी के लिहाज से हथुआ जंक्शन पर रेल सुविधाओं का विस्तार जरूरी है.
सांसद को मांगपत्र देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि जिले में 18 रेलवे स्टेशन होने के बावजूद हथुआ अनुमंडल के तीन स्टेशनों पर पर्याप्त रेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. वक्ताओं ने रेल सुविधाओं के मामले में हथुआ अनुमंडल की उपेक्षा का आरोप लगाया.
लोगों ने बताया कि रेल सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर सांसद को मांगपत्र भी सौंपा गया था. इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर बैठक में लोगों ने असंतोष जताया.
राजेश गुप्ता अध्यक्ष, सुनील पांडेय बने महासचिव
बैठक में सर्वसम्मति से 100 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया. राजेश गुप्ता को अध्यक्ष, मानस कुमार, रिजवानुल हक और मंटू मोदनवाल को उपाध्यक्ष, सुनील पांडेय को महासचिव, सोनू सोनी को सचिव और प्रिंस उपाध्याय को संयुक्त सचिव बनाया गया.
इसके अलावा सरोज रिंकू को संयोजक, अफरोज मुखिया को क्षेत्रीय संयोजक, आकाश केशरी को कोषाध्यक्ष, अभिराज गुप्ता को सह कोषाध्यक्ष और मनोज भाई को संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी दी गयी.
पंचायत स्तर तक चलाया जाएगा अभियान
बैठक में निर्णय लिया गया कि नागरिक अधिकार मंच की अगली बैठक हथुआ अनुमंडल के अन्य क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी. मंच की ओर से पंचायत स्तर तक लोगों को जोड़कर रेल सुविधाओं से जुड़ी मांगों को व्यापक अभियान का रूप देने की बात कही गयी.
