गोपालगंज: मांझा थाना क्षेत्र के डुमरिया महुआ टोला गांव में सरकारी रास्ते की जमीन पर कथित कब्जे का विरोध करना गौसिया पंचायत की बीडीसी सदस्य सुनीता देवी के परिवार को भारी पड़ गया. आरोप है कि दबंगों ने लाठी, डंडे और चाकू से हमला कर बीडीसी सदस्य समेत तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है.
घायलों में बीडीसी सदस्य सुनीता देवी, उनके पति ज्योतिष शर्मा तथा ससुर सत्यदेव शर्मा शामिल हैं. परिजनों और ग्रामीणों की मदद से सभी को मांझा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.
सरकारी रास्ते पर कब्जे के विरोध का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव की सरकारी जमीन पर वर्षों से आम रास्ता था, जिसका उपयोग ग्रामीण करते आ रहे थे. कुछ लोग उस रास्ते पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे. जब सुनीता देवी के परिवार और अन्य ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो आरोपित उग्र हो गए और मारपीट शुरू कर दी. आरोप है कि इस दौरान चाकू से भी हमला किया गया, जिससे तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही मांझा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार के निर्देश पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. वहीं ग्रामीणों ने सरकारी रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है.
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