शहर के जंगलिया मुहल्ले में बुधवार शाम जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर आमद-ए-मुस्तफा कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज जारून जिया ने तिलावत-ए-कुरान से की. आयोजन को तीन चरणों में संपन्न कराया गया.
इस्लामिक क्विज से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम के पहले चरण में इस्लामिक क्विज का आयोजन किया गया. इसके बाद नमाज-ए-मगरिब के बाद इस्लामी बहनों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसके बाद जलसे का आयोजन हुआ.
देशभर के उलेमा और शायरों ने की शिरकत
जलसे में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे खतीब और शायरों ने शिरकत की. इनमें अल्लामा मुफ्ती हम्माद साहब किबला, अल्लामा आकिफ साहब किबला, मौलाना मोइनुद्दीन चतुर्वेदी बंगाल और पीर-ए-तरीकत अल्लामा सैयद नाहिद मियां किबला शामिल रहे.
शायर-ए-हिंदुस्तान कारी जाकिर इस्माइली बहराइच, कारी अख्तर जिया मुजफ्फरपुरी समेत स्थानीय उलेमा और शायरों ने भी अपनी तकरीर और कलाम पेश किये. वक्ताओं ने पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं और उनके संदेशों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलने की अपील की.
जरूरतमंद महिलाओं के बीच बांटे कपड़े
कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद महिलाओं के बीच पूर्व विधायक रेयाजुल हक राजू के हाथों कपड़ों का वितरण किया गया. आयोजन में शामिल लोगों के लिए खाने-पीने की भी व्यवस्था की गयी थी.
शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
जंगलिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद इस्राफील मिस्बाही और मोअज्जिन हाफिज सूफियान रजा की सदारत में कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु शामिल हुए.
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