प्रतिवर्ष पांच करोड़ से अधिक की होती है उगाही
बिना रजिस्ट्रेशन के नियमों की उड़ा रहे धज्जियां
गोपालगंज : न नियम और न कानून, और न पढ़ानेवाले एक्सपर्ट बड़े-बड़े बैनरों के साथ धड़ल्ले से कोचिंग संस्थानों का संचालन जारे हैं. जिले में 560 कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहां आठवीं से इंटर तक की शिक्षा दी जाती है.
कई कोचिंग संस्थान ऐसे हैं जहां एक ही शिक्षक सभी विषयों को पढ़ाने का दावा करता है. इनके शुल्क पर नजर दौड़ाई जाये तो 300 से लेकर 12 सौ रुपये तक का शुल्क प्रति माह वसूले जाते हैं.
हैरत तो यह है कि कई कोचिंग संस्थानों में मैट्रिक पास भी शिक्षा देने में लगे हैं. इन कोचिंग संस्थानों पर लगाम लगाने के लिए आज तक प्रशासनिक कार्रवाई शून्य रही है. पूर्व के परीक्षाओं तक सेटिंग-गेटिंग का खेल भी होता रहा है.
क्या है नियम
प्रति छात्र एक वर्ग मीटर का स्थान होना चाहिए
शिक्षक की योग्यता कम-से-कम स्नातक होनी चाहिए
एक शिक्षक एक विषय से अधिक पढ़ाई न करें
पेयजल, शौचालय, बिजली तथा काॅमन रूम की व्यवस्था होनी चाहिए
शुल्क का निर्धारण सार्वजनिक होना चाहिए
प्रतिवर्ष उपलब्धि के बारे में जानकारी देनी जरूरी है
कोचिंग संस्थान
कुल कोचिंग की संख्या 560
पंजीकरण के लिए आवेदन 220
रजिस्टर्ड कोचिंग 15
9 एवं 10 के कोचिंग में पढ़नेवाले छात्रों की संख्या 80 हजार
इंटर के कोचिंग करने वाले छात्रों की संख्या 45 हजार
क्या कहते हैं अधिकारी
बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाना गलत है. कोचिंगों पर अभियान चला कर कार्रवाई की जायेगी.
अशोक कुमार, डीइओ गोपालगंज
