शिक्षा समिति की अवधि समाप्त हास्यास्पद. बैंक से अमान्य सचिव निकाल रहे स्कूल की राशि

शिक्षा विभाग की उपेक्षा के कारण स्कूल बैंक से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने पर विवश है. करोड़ों रुपये की अवैध निकासी बैंक से हो चुकी है. इस निकासी की तरफ अब भी विभाग का ध्यान नहीं है. गोपालगंज : शिक्षा विभाग अपने ही बनाये नियम और कानून का पालन नहीं कर रहा है. विभाग […]

शिक्षा विभाग की उपेक्षा के कारण स्कूल बैंक से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने पर विवश है. करोड़ों रुपये की अवैध निकासी बैंक से हो चुकी है. इस निकासी की तरफ अब भी विभाग का ध्यान नहीं है.

गोपालगंज : शिक्षा विभाग अपने ही बनाये नियम और कानून का पालन नहीं कर रहा है. विभाग की उदासीनता के कारण जिले के प्रारंभिक स्कूलों के हेडमास्टर भी घोटाला में शामिल हो चुके हैं. नियमों से विपरीत अमान्य हो चुकी विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव के हस्ताक्षर से आज भी स्कूल मद की राशि निकाली जा रही है. एमडीएम से लेकर भवन निर्माण तक की राशि के लिए अमान्य सचिव के हस्ताक्षर से भुगतान लिया जा रहा है, जबकि जिले के स्कूलों के संचालन के लिए बनायी गयी शिक्षा समिति की अवधि 15 नवंबर, 2016 को ही समाप्त हो चुकी है. पुरानी विद्यालय शिक्षा समितियों के सचिव बैंक से स्कूल की राशि अपने हस्ताक्षर से निकाल रहे हैं.
क्या कहता है नियम : शिक्षा विभाग के अधिसूचना 1318 में स्पष्ट है कि विद्यालय शिक्षा समिति का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा. कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनाव करा लेना होगा. चुनाव नहीं हो पाने की स्थिति में विद्यालय के खाता का संचालन विद्यालय के वरीय शिक्षक के हस्ताक्षर से कराया जायेगा.
बीडीसी की बैठक में उठा था मामला : कुचायकोट बीडीसी की बैठक में सदस्य तथा सामाजिक कार्यकर्ता शैलेश पांडेय ने विद्यालय शिक्षा समिति के समाप्त हो जाने के बाद भी धड़ल्ले से सचिवों के द्वारा हस्ताक्षर कर बैंक से पैसा निकालने का मामला उठाया था. शैलेश पांडेय का मानना है कि कार्य अवधि समाप्त होते ही शिक्षा समिति अमान्य हो चुकी है. जब तक दोबारा चुनाव नहीं होता तब तक विभाग को खाता संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी. विभाग ने ऐसा नहीं किया और दो माह में स्कूलों से निकाली गयी करोड़ों की राशि पर सवाल खड़ा हो गया है.
जल्द होगा चुनाव
विद्यालय शिक्षा समिति की अवधि समाप्त हो चुकी है इसकी जानकारी विभाग को नहीं है. विभाग के स्तर पर एक पत्र आया है, जिसमें तत्काल शिक्षा समिति का चुनाव कराने का निर्देश है. जल्दी ही शिक्षा समिति का चुनाव करा लिया जायेगा.
गोपालगंज : नवंबर, 2016 को समाप्त हो चुका है समिति का कार्यकाल
क्या है विद्यालय शिक्षा समिति : बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा संसोधन नियमावली 2013 के आधार पर विद्यालय शिक्षा समिति की गठन के लिए शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव की अधिसूचना 1318 पटना, दिनांक 16/9/2013 में अधिसूचना जारी की गयी. इसमें स्पष्ट किया गया कि विद्यालय शिक्षा समिति का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा. विद्यालय के खाते में जमा राशि का संचालन समिति के अध्यक्ष या सचिव तथा हेडमास्टर के हस्ताक्षर से होगा, जिसका गठन 25 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच कराये जाने का आदेश जारी किया गया. इस अधिसूचना के अनुसार नवंबर, 2016 में शिक्षा समिति की अवधि समाप्त हो चुकी है.
कौन होते हैं शिक्षा समिति के सदस्य :
शिक्षा समिति के सदस्यों की संख्या – 17
ग्राम पंचायत का नगर निकाय के संबंधित वार्ड सदस्य पदेन अध्यक्ष होंगे
विद्यालय के प्रधान शिक्षक सदस्य
छात्र-छात्राओं की माता जिसमें पिछड़ा वर्ग के दो, अतिपिछड़ा वर्ग के दो, अनुसूचित जाति जन जाति के दो सामान्य जाति के दो, नि:शक्त बच्चों की मां सदस्य होंगी
जीविका के ग्राम संगठन एवं महिला समूह के दो सदस्य
छात्र प्रतिनिधि चयनित दो सदस्य
स्कूल के वरीय शिक्षक एक
विद्यालय के भूमिदाता एक
सभी सदस्यों के सहमति से एक सचिव का चुनाव

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