दो गुना बढ़ जाती है हृदयाघात की संभावना
गोपालगंज : मौसम में उतार-चढ़ाव का असर सेहत पर भी पड़ने लगा है. ठंड में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार जहां आम हैं, वहीं ब्रेन हेमरेज एवं लकवा बुजुर्गों को अपनी चपेट में ले रहे हैं. इस मौसम में हृदयाघात की आशंका बढ़ जाती है. मौसम में बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है. इस मौसम में रक्तवाहनियों के सिकुड़ जाने व ब्लड प्रेशर के बढ़ जाने से जरूरत के मुताबिक खून की आपूर्ति बनाये रखने के लिए दिल को कई गुना ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है,
जिससे उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. डायबिटीज या हाइ ब्लड प्रेशर के मरीजों को इस मौसम में खास ध्यान रखने की जरूरत होती है. सर्दी के दौरान डायबिटीज के मरीजों में दिल और मस्तिष्क आघात का खतरा बढ़ जाता है. कड़ाके की ठंड में अचानक बाहर निकलना दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है. जरूरी है कि वे पर्याप्त गरम कपड़े पहन कर ही निकलें. इसके अलावा अपने खान-पान का भी खास ख्याल रखना आवश्यक है. बंद कमरे में अलाव नहीं जलाना चाहिए. इसके अलावा किडनी रोग के मरीज को भी लगातार अलाव के उपयोग से बचना चाहिए.
अलाव के तापने से लेकर उसके बाद तक भी सावधानी की जरूरत है. अलाव की वजह से आगजनी की घटनाएं भी बढ़ती हैं जिससे इससे सावधान रहने की जरूरत है.
