Gopalganj News : सासामुसा में करोड़ों की जमीन पर एडीएम के आदेश पर डीएम कोर्ट ने लगाया स्टे, अब की जायेगी सुनवाई

कुचायकोट थाने के सासामुसा में हाइवे के किनारे करोड़ों की जमीन का फर्जी दस्तावेज बनाकर भू-माफियाओं के कब्जाने की कोशिश का खेल सामने आते ही डीएम पवन कुमार सिन्हा एक्शन मोड में आ गये.

गोपालगंज. कुचायकोट थाने के सासामुसा में हाइवे के किनारे करोड़ों की जमीन का फर्जी दस्तावेज बनाकर भू-माफियाओं के कब्जाने की कोशिश का खेल सामने आते ही डीएम पवन कुमार सिन्हा एक्शन मोड में आ गये. भू-माफियाओं के द्वारा अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय के कोर्ट को गुमराह कर अपने पक्ष में लिये गये फैसले पर रोक लगा दी. एडीएम के आदेश पर स्टे लगने के बाद भू-माफियाओं की बेचैनी बढ़ गयी है. अब इस केस की सुनवाई डीएम के कोर्ट में होगी, जहां भू-माफियाओं से जुडे़ सभी तथ्यों को तलब किया गया है. डीएम को अधिवक्ता मनीष मिश्र ने मामले को उठाते हुए पर्याप्त साक्ष्य दिया. उन्होंने बताया कि राजेंद्र नगर बस स्टैंड की जमीन को भी इन्हीं माफियाओं ने अपने पिता के नाम से बेच दिया था. उसके बाद डीएम भू-माफियाओं पर गंभीर हो गये. बता दें कि 30 मार्च को एडीएम कोर्ट से जमाबंदी रद्द वाद सं-36 /25-26 में भू-माफियाओं ने अपने पक्ष में निर्णय करा लिया था.

एसपी के आदेश पर कुचायकोट थाने में दर्ज हुआ कांड

पुलिस कप्तान विनय तिवारी के आदेश पर इसी मामले में कुचायकोट थाने में भू-माफियाओं के खिलाफ कांड दर्ज कराया गया है. पुलिस अब आगे कि कार्रवाई में जुटी है. विशंभरपुर थाने के तिवारी मटिहनियां गांव के रहने वाले प्रभात मणि त्रिपाठी की तहरीर पर कांड दर्ज हुआ है. इसमें जादोपुर थाने के मशानथाना के कृपा राय के पुत्र विजय राय व करमैनी मोहब्बत के धीरज सिंह, राजस्व कर्मचारी विनय राय को अभियुक्त बनाया गया है. सासामुसा एनएच के किनारे की भूमि उनके परिवार के स्व विश्वनाथ तिवारी द्वारा दिनांक 29 मई 1942 को क्रय की गयी थी. तब से इस भूमि पर उनके परिवार का शांतिपूर्ण कब्जा रहा है और वर्तमान में जमाबंदी उनके बड़े दादा स्व वृजकिशोर तिवारी के नाम से कायम है. इस जमीन को कब्जाने की कोशिश में माफिया जुटे थे.

हलका कर्मचारी की भूमिका की होगी जांच

प्रभात मणि ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन को हड़पने के लिए कुछ लोगों ने षड्यंत्र रचा. विजय राय ने वर्तमान हल्का कर्मचारी की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने की योजना बनायी. 06 सितंबर 2024 को फर्जी दस्तावेज के आधार पर पांच अन्य लोगों के साथ एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें भी धीरज सिंह और अन्य के नाम शामिल हैं. डीएम ने कहा कि राजस्व कर्मचारी की भूमिका की भी जांच करायी जा रही है.

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By GURUDUTT NATH

GURUDUTT NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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