लापरवाही . कम कीमत पर धान बेचने को विवश हैं किसान
गोपालगंज : धान बिक्री में किसानों को पग-पग पर परेशानी से जूझना पड़ रहा है. अपनी जरूरत के बस किसान कम कीमत में ही अपनी फसल धान को बेचने के लिए विवश हैं. ऐसे तो सहकारिता विभाग के द्वारा किसानों की धान खरीद किये जाने को लेकर न सिर्फ क्रय केंद्र का निर्धारण किया गया, बल्कि समर्थन मूल्य और खरीदारी शुरू किये जाने को लेकर तिथि का निर्धारण किया गया. विभाग के निर्देश पर गत एक दिसंबर से ही धान की खरीद की जानी थी.
धान की खरीद 166 पैक्स और चार व्यापार मंडलों के द्वारा की जानी थी, लेकिन अब तक न तो पैक्स ही धान क्रय खोले और नहीं व्यापार मंडल. अगर किसान पैक्स पर धान बेचने के लिए जाते हैं, तो धान में नमी की मात्रा अधिक बता कर उन्हें वापस कर दिया जाता है. ऐसे में किसान नगीना भगत बताते हैं कि सरकार की मंशा साफ नहीं है. इसके कारण पैक्स धान की खरीदारी नहीं कर रहे हैं. नमी की बात कह कर टाल-मटोल की जा रही है. हकीकत यह है कि किसी भी पैक्स में धान की नमी मापने वाला यंत्र उपलब्ध नहीं है. सिर्फ नमी का बहाना बना किसानों को गुमराह किया जा रहा है. ऐसे में किसान कम कीमत पर धान बेचने को विवश हैं. वहीं सरकार किसानों को बिचौलियों के हाथों धान बेचे जाने की व्यवस्था कर रही थी जिससे बिचौलियों अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. किसान अपनी जरूरत की पूर्ति के लिए बाध्य होकर धान बेच रहे हैं. किसानों की समस्या की ओर न तो सरकार का ध्यान है और न प्रशासन का.
पैक्स से किसानों का उठ रहा भरोसा
40 पैक्स में है नमी मापी यंत्र
पैक्स नमी का बहाना नहीं बना रही है. वास्तविक रूप से धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक है. 40 पैक्स में नमी मापी यंत्र भी उपलब्ध है, जबकि शेष पैक्स व व्यापार मंडल में नमी मापी यंत्र उपलब्ध कराये जाने को लेकर कार्रवाई चल रही है. शीघ्र ही सभी पैक्स और व्यापार मंडल में नमी मापी यंत्र उपलब्ध कराया जायेगा.
बबन मिश्र, डीसीओ, गोपालगंज
