लाइलाज बीमारी बना शहर में जाम, परेशानी
गोपालगंज : दिन के बारह बजे हैं़ शहर के व्यस्ततम चौराहे मौनिया चौक पर पैदल और गाड़ियों की भीड़ है. कचहरी की ओर से आनेवाली गाड़ियों को जिधर घूमना है उधर लक्जरी गाड़ियां खड़ी हैं. ट्रैफिक के जवान गाड़ियों को अपनी दिशा में जाने का संकेत तो दे रहे हैं, लेकिन इस अवैध पार्किंग पर […]
गोपालगंज : दिन के बारह बजे हैं़ शहर के व्यस्ततम चौराहे मौनिया चौक पर पैदल और गाड़ियों की भीड़ है. कचहरी की ओर से आनेवाली गाड़ियों को जिधर घूमना है उधर लक्जरी गाड़ियां खड़ी हैं. ट्रैफिक के जवान गाड़ियों को अपनी दिशा में जाने का संकेत तो दे रहे हैं, लेकिन इस अवैध पार्किंग पर उनकी नजर नहीं है.
ऐसे में अवैध पार्किंग और यातायात नियमों की उड़ रही धज्जियां शहर में हादसे को दावत दे रही हैं. यह अवैध पार्किंग कभी भी खतरनाक हो सकती है. शहर में जाम लाइलाज बीमारी बन गया है. इसके लिए प्रशासन द्वारा चौराहे पर यातायात नियमों का पालन करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात किये गये हैं. प्रशासन का स्पष्ट आदेश है कि सड़क किनारे पार्किंग नहीं होगी, इसके लिए अभियान भी चल चुका है. प्रशासन के आदेश, चलाये गये अभियान और ट्रैफिक जवानों की तैनाती के बावजूद मौनिया चौक के हालात में अब तक बदलाव नहीं आया है.
चौराहे पर नजर डाली जाये, तो उत्तरी रोड जिस पर कचहरी रोड से आनेवाली गाड़ियां घूम कर नियमों का पालन करती हुई अन्य सड़कों पर जाती हैं़ उसके लिए उस सड़क पर जगह ही नहीं है.
सड़क पर लगती हैं दुकानें : विगत एक दशक से यह सड़क पार्किंग बनी हुई है. सड़क के कुछ हिस्से पर दुकानें सजी हैं, तो अधिकांश हिस्सा लक्जरी गाड़ियों के कब्जे में रहता है. इस सड़क पर गाड़ी लगानेवाले अधिसंख्य खास लोग होते हैं, जिनसे गाड़ी हटाने की बात तो दूर, गाड़ी लगाने से मनाही भी पुलिस के जवान नहीं करते हैं. ऐसे में संकरी जगह से निकलती गाड़ियां कब किसको धक्का मारेंगी या उसमें आकर कौन सी गाड़ी टकरायेगी, कहना मुश्किल है. हालात यह है कि इस व्यवस्था से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. सवाल यह है कि पल-पल खतरों से जूझते इस चौराहे पर आखिर प्रशासन की नजर कब जायेगी? क्योंकि अब तक चलाये गये मिशन जुर्माना अभियान में इस चौराहे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. यदि हालात नहीं बदले, तो इस चौराहे पर खतरे मंडराते रहेंगे.
दंडात्मक कार्रवाई होगी
अवैध पार्किंग पर रोक लगाने के लिए सबको अल्टीमेटम दे दिया गया है. जल्द ही अभियान चला कर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. कोई भी सार्वजनिक जगह किसी खास के लिए नहीं है.
मृत्युंजय कुमार, एसडीओ, गोपालगंज