Gopalganj News: गोपालगंज जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के तरीके को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गयी है. जिले के मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 905 चयनित शिक्षक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) का शैक्षणिक इस्तेमाल सीखेंगे. समग्र शिक्षा की ओर से एलिवेट फॉर एजुकेटर कार्यक्रम के तहत 18 से 31 अगस्त तक प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा. प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चलेगा.
पिरामल फाउंडेशन के एआइ देंगे प्रशिक्षण
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् के निर्देश पर समग्र शिक्षा विभाग के डीपीओ शिवम ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. पिरामल फाउंडेशन की ओर से नामित एआइ एंबेसडर चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे. कार्यक्रम मास्टर फैसिलिटेटर की मौजूदगी में संचालित होगा. प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिले में 16 मास्टर ट्रेनरों की भी तैनाती की गयी है.
एसएस बालिका विद्यालय में 670 शिक्षकों की ट्रेनिंग
प्रशिक्षण के लिए चयनित 905 शिक्षकों में 670 को एसएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रशिक्षण दिया जायेगा. यहां बैकुंठपुर, विजयीपुर, कटेया, हथुआ, उचकागांव, फुलवरिया, बरौली, पंचदेवरी, गोपालगंज, थावे और मांझा प्रखंड के शिक्षक शामिल होंगे.
235 शिक्षक डायट थावे में लेंगे प्रशिक्षण
वहीं 235 शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण केंद्र डायट थावे बनाया गया है. इसमें कुचायकोट, भोरे और सिधवलिया प्रखंड के चयनित शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे. सभी चयनित शिक्षकों को निर्धारित केंद्र पर समय से पहुंचकर प्रशिक्षण में भाग लेने का निर्देश दिया गया है.
प्रधानाध्यापकों को उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी
डीपीओ शिवम ने बताया कि सभी मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को आवश्यक निर्देश दिया गया है कि उन्हें अपने विद्यालय के नामित शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भेजना होगा. जिसकी जवाबदेही एचएम की होगी.
पढ़ाई में एआइ के इस्तेमाल पर रहेगा जोर
एलिवेट फॉर एजुकेटर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और शैक्षणिक प्रशासनिक इकाइयों को एआइ आधारित शैक्षणिक प्रक्रिया से सक्षम बनाना है. प्रशिक्षण में एआइ के माध्यम से शिक्षण कार्य को आसान बनाने, शैक्षणिक सामग्री तैयार करने और कक्षा में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी जायेगी. विभाग ने कार्यक्रम को अति आवश्यक बताते हुए संबंधित विद्यालयों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है.
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