स्कूल में जलजमाव, रसोईघर में पढ़ रहे बच्चे

जलजमाव दे रहा बीमारी को दावत मांझा : बांस के खंभे पर टिका झोंपड़ीनुमा स्कूल इन दिनों तालाब बना हुआ है. जमा पानी में शैवाल तैर रहे हैं. यहां पहुंचते ही मच्छरों की भरमार है. बगल में कुछ दूरी पर छोटे से रसोईघर में बच्चे बैठ कर पढ़ रहे हैं. ये पढ़ने में कम, ज्यादा […]

जलजमाव दे रहा बीमारी को दावत

मांझा : बांस के खंभे पर टिका झोंपड़ीनुमा स्कूल इन दिनों तालाब बना हुआ है. जमा पानी में शैवाल तैर रहे हैं. यहां पहुंचते ही मच्छरों की भरमार है. बगल में कुछ दूरी पर छोटे से रसोईघर में बच्चे बैठ कर पढ़ रहे हैं. ये पढ़ने में कम, ज्यादा मच्छर मारने में परेशान हैं. जी हां, ये हालात हैं नवसृजित प्राथमिक विद्यालय शेख टोली का, जहां शिक्षा व्यवस्था के लिए विकास का हुंकार दूर-दूर तक नजर नहीं आता. अलबत्ता यहां जमा पानी छोटे-छोटे मासूम बच्चों को बीमारी की सौगात दे रहा है.
गौरतलब है कि 2006 में इस विद्यालय की नींव पड़ी तबसे आज तक भवन नसीब नहीं हुआ. पांच शिक्षकों के बीच ढाई सौ बच्चे आंधी, पानी, बरसात, धूप जैसी प्राकृतिक थपेड़ों को सहने को विवश हैं. इन दिनों स्कूल में जमा पानी ने स्थिति को और खस्ताहाल कर दिया है. भूमि उपलब्ध होने के बाद ग्रामीणों ने भवन बनवाने के लिए कई बार प्रदर्शन भी किया, लेकिन स्थिति न बदली. फिलहाल की स्थिति से ग्रामीणों में आक्रोश है और वे आंदोलन करने की फिराक में हैं.
इस संबंध में प्रधानाध्यापक रामबालक मिश्रा ने कहा कि भूमि उपलब्ध नहीं होने के बावजूद भवन नहीं बना. बच्चों का भविष्य संवारने के लिए मैंने लगातार भवन बनवाने के लिए विभाग से संपर्क किया, लेकिन आज तक नहीं बना. फिलहाल जलजमाव से भारी परेशानी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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