पटना :राज्य में पूर्ण शराबबंदी अभियान को बढ़ावा देने और शराब की बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. दूसरे चरण के इस अभियान को ज्यादा व्यापक और बृहत रूप से आयोजित किया जायेगा. इसके तहत इस बार पंचायत से राज्य स्तर तक एक विशाल मानव शृंखला बनाने की योजना है. शराब के खिलाफ लोग एक दूसरे से हाथ जोड़ कर दो घंटे तक खड़े होंगे. यह कतार इतनी लंबी बनाने की योजना है कि मानव शृंखला के मौजूदा विश्व रिकॉर्ड को भी तोड़ा जा सके. इसका मौजूदा विश्व रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम पर है, जहां दो साल पहले अवामी लीग की तरफ से एक हजार 52 किमी की मानव शृंखला बनायी गयी थी.
दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने जा रही दूसरे चरण के अभियान से जुड़ी रणनीति तैयार करने को लेकर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्य सचिवालय के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक हुई. इस दौरान मुख्य सचिव ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये. इससे पहले शराब के खिलाफ जन जागरूकता अभियान दिसंबर, 2015 से मार्च, 2016 तक चलाया गया था. इसकी सफलता के बाद दूसरे चरण को पहले ज्यादा बड़ा करने के लिए तमाम कोशिशें की जायेंगी.
इस बार इसमें शिक्षा, उत्पाद एवं मद्य निषेध, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, पंचायती राज समेत अन्य सभी संबंधित विभागों को जोड़ा गया है. पिछले बार के अभियान में पांच करोड़ 26 लाख रुपये खर्च किये गये थे, जबकि इस बार इसका बजट करीब दोगुना कर दिया गया है. जीविका की महिला को खासतौर से इसमें शामिल किया जायेगा. राज्य में दो लाख के आसपास जीविका समूहों की संख्या अभी है.
बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, शिक्षा सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव, निदेशक विनोदानंद झा, जीविका के सीइओ मरूदंडन, जन शिक्षा निदेशक मो गालीब, ओम प्रकाश शुक्ला समेत अन्य सभी अधिकारी मौजूद थे. दूसरे चरण के अभियान की खास बातें- पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर इसे लेकर खासतौर से बैठक की जायेगी.-
कलाकारों के समूह से पोस्टर, बैनर, होर्डिंग तैयार करवा कर हर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में लगाया जायेगा- इनकी विषय वस्तु, फॉरमेट और तमाम सामग्री बेहद रोचक और इनोवेटिव होगी- 124 कला जत्था तैयार किये जायेंगे, जो हर पंचायत और गांव में जाकर नुक्कड़ नाटक करेंगे- इन नाटकों के लिए अलग-अलग तरह के स्क्रिप्टों को नवंबर के अंत तक तैयार कर लिया जायेगा.- शराबबंदी से जुड़ी प्रत्येक प्रखंड की दो-चार सफल कहानियों को प्रकाशित करके बांटा जायेगा.-
शराबबंदी अभियान के बाद जिन परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, वे सम्मानित होंगे.- 8 मार्च, 2017 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सभी प्रखंडों में 10 मीटर लंबा कैनवास रखा जायेगा, जिस पर लोग शराब के खिलाफ हस्ताक्षर कर अपने विचार रखेंगे.यह परिणाम रहा पहले चरण के अभियान का- पहला चरण चार महीने तक चलाया गया था, जिस दौरान समुदायिक जागरूकता चलाया गया.- 124 कला जत्था टीमों ने सभी आठ हजार 439 पंचायतों में नुक्कड़ नाटक किया.- सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद दिवारों में 9.50 लाख स्थानों पर अलग-अलग तरह के नारे लिखे गये.- सरकारी स्कूलों में 1.25 करोड़ बच्चों के माता-पिता ने शराब नहीं पीने से संबंधित शपथ-पत्र भरा.\\\\B
