राहत व बचाव कार्य में जुटा प्रशासन : डीएम
गोपालगंज : कुचायकोट प्रखंड में बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों के भौतिक सत्यापन कर लौटे डीएम राहुल कुमार ने भोजछापर में पत्रकारों को बताया कि राहत और बचाव कार्य में प्रशासन जुटा हुआ है. गुरुवार को बाढ़ग्रस्त गांवों का जायजा लेने के बाद स्पष्ट हुआ है कि पांच हजार की आबादी पानी में घिरी हुई है. प्रत्येक […]
गोपालगंज : कुचायकोट प्रखंड में बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों के भौतिक सत्यापन कर लौटे डीएम राहुल कुमार ने भोजछापर में पत्रकारों को बताया कि राहत और बचाव कार्य में प्रशासन जुटा हुआ है. गुरुवार को बाढ़ग्रस्त गांवों का जायजा लेने के बाद स्पष्ट हुआ है कि पांच हजार की आबादी पानी में घिरी हुई है. प्रत्येक पंचायत को पर्याप्त नाव उपलब्ध करायी गयी है. जिले में 100 नाव बचाव कार्य में जुटी है. बाढ़पीड़ितों को पैकेट में ड्राइ फूड दिया जा रहा है.
गांवों में फसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम ने मोरचा संभाल लिया है. डीएम ने कहा कि शुक्रवार की सुबह से राहत केंद्रों में पूरी व्यवस्था होगी. लोगों को सुरक्षित निकालने एवं उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली जिम्मेवारी है. इसके लिए मैं खुद अधिकारियों के साथ कैंप कर रहा हूं.
सलेमपुर में हो रहा रिसाव : सलेमपुर छरकी पर काली स्थान के पास रिसाव जारी है. रिसाव से गांव में अफरातफरी मच गयी है. ग्रामीण स्वयं तटबंध को बचाने में लगे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना तो दी, लेकिन यहां बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है. सलेमपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाढ़पीड़ितों के लिए शरण स्थली बना हुआ है. यहां 25 परिवार बुधवार की रात्रि से शरण लिये हुए हैं. अब तक इनकी सहायता के लिए कोई सरकारी व्यवस्था नहीं की गयी है. हालांकि सीओ रंजन कुमार ने स्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया.
बंजरिया में तेज धार में पांच बहे : महम्मदपुर. बंजरिया गांव में तेज धार में पांच ग्रामीण बह गये, जिन्हे अन्य ग्रामीणों ने जान जोखिम में डाल कर बचाया. तत्काल ग्रामीणों ने निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचा कर पांचों घायलों का इलाज कराया. डूबनेवालों में बंजरिया के सुबास मिश्र, रिंकु तिवारी, पियुष कुमार सहित पांच शामिल हैं.
बीडीओ ने लिया जायजा : मांझा. बीडीओ अशोक कुमार जिज्ञासु और सीओ राजेश कुमार ने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों का दौरा किया. अधिकारी भैंसही, बलूहीं, निमुइयां, मधु सरेया, गौसियां गांवों में जाकर स्थिति को जाना. संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीण जहां ऊंचे स्थान तलाशने लगे हैं, वहीं प्रशासन ने पांच सरकारी नावों की व्यवस्था की है. स्थिति का जायजा लेने के बाद बीडीओ ने कहा है कि मांझा में बाढ़ का खतरा नहीं है.
डुमरिया में बनाया गया कैंप : डुमरिया . पुल के पास प्रशासन की तरफ से कैंप की व्यवस्था की गयी है. यहां 138 बाढ़पीड़ित शरण लिये हुए हैं. प्रशासन के अधिकारियों ने गुरुवार को चूड़ा-मीठा का वितरण कराया.
बाढ़पीड़ितों में समुचित व्यवस्था नहीं होने से नाराजगी है.