जांच पूरी . लिपिक ने आरडीडीइ को नहीं िदया था स्पष्टीकरण का सही जवाब
निलंबित लिपिक का प्रखंड संसाधन केंद्र उचकागांव बना मुख्यालय
गोपालगंज : गुरुजी से रिश्वत मांगना शिक्षा विभाग के बाबू पर भारी पड़ गया. रिश्वत के इस मामले में शिक्षा विभाग के बाबू को आरडीडी ने निलंबित कर दिया है. शिक्षा विभाग में डीपीओ स्थापना कार्यालय के लिपिक सत्येंद्र सिंह को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक रामायण राम ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बीआरसी उचकागांव में मुख्यालय बना दिया है. जानकार सूत्रों ने बताया कि हथुआ प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पीपरा शिवटहल राय के शिक्षक रवींद्र कुंवर एवं सिधवालिया प्रखंड के सुमन प्रसाद सिन्हा (निलंबित हेडमास्टर) मध्य विद्यालय, महम्मदपुर टेकनवास से डीपीओ स्थापना कार्यालय में तैनात बाबू सत्येंद्र सिंह ने रिश्वत की मांग की थी. शिक्षकों ने इसकी शिकायत आरडीडी से परिवाद दायर कर की थी. आरडीडी ने इस मामले की जांच डीइओ अशोक कुमार को सौंपी थी.
गठित होगा प्रपत्र ‘क’
आरोप प्रपत्र ‘क’ अलग से निर्गत किया जा रहा है. आरोपों की जांच के लिए डीपीओ योजना एवं लेखा को जांच पदाधिकारी राजकिशोर सिंह तथा डीपीओ स्थापना संजय कुमार को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है.
लिपिक के निलंबित होते ही विभाग में हड़कंप
डीइओ ने जांच के बाद की थी अनुशंसा
डीइओ ने जांच में आरोप को प्रमाणित पाते हुए लिपिक को निलंबित करने की अनुशंसा आरडीडीइ से की. इसके तहत संबंधित लिपिक से स्पष्टीकरण की मांग की गयी. स्पष्टीकरण का जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर लिपिक सत्येंद्र सिंह पर कार्रवाई की गयी. निलंबन की अवधि में इनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, उचकागांव निर्धारित किया जाता है. निलंबन अवधि में नियमानुसार इन्हें जीवन निर्वहन भत्ते का भुगतान निर्धारित मुख्यालय से प्राप्त अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर देय होगा.
