गोपालगंज : जिले में इस बार पंचायत चुनाव प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण हुआ. प्रशासन की मुस्तैदी ने पंचायत चुनाव में खलल डालने का मंसूबा पाले उपद्रवियों की तैयारी पर पानी फेर दिया. कुचायकोट से लेकर बैकुंठपुर तक के दियारा इलाकाें में डीएम राहुल कुमार की कड़ी नजर थी. चुनाव में प्रशासन की तैनाती और कई सेक्टरों में अधिकारियों को तैनात कर सबकी मॉनीटरिंग खुद डीएम ने की. चुनाव में कहीं भी खून-खराबा नहीं हुआ.
इससे पहले के पंचायत चुनाव में हिंसा से दियारे की धरती कांपती थी. पिछले चुनावों के रिकॉर्ड से मिले अनुभव के बाद डीएम ने चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए कई अहम कदम उठाये थे. दियारे की एक पंचायत में दो सेक्टर पदाधिकारियों और दो पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गयी थी. इस बार कठघरवा पंचायत में 10 मई को पंचायत चुनाव के दौरान एक पक्ष के लोगों के द्वारा गड़बड़ी का प्रयास किया गया,
जिस पर डीएम और एसपी ने पहुंच कर स्थिति को काबू में कर लिया, जबकि प्रशासन की मुस्तैदी से जगीरी टोला पंचायत में भी मतदान शांतिपूर्ण हुआ. 13 मई के अंक में प्रकाशित खबर में प्रकाशित ‘सब कुछ ठीक नहीं दियारे में’ जेल में बंद सुरेश यादव की पत्नी मुखिया प्रत्याशी रमावती देवी की अहम भूमिका की बात से खेद है. प्रभात खबर की मंशा किसी अपराधी का महिमा मंडन करना नहीं है और न ही किसी समाचार से समाज को उकसाने की मंशा है.
