सिधवलिया : दारोगा अंकल मेरे पिता के हत्यारे कब पकड़े जायेंगे. मेरे पिता ने क्या बिगाड़ा था…मासूम बच्चों की गुहार ने पूरे गमगीन माहौल बना दिया है. उनकी आंखें में पिता की हत्या का खौफ दिख रहा था. डबडबायी आंखों से पुलिस अधिकारियों के सामने बच्चों ने जब गुहार लगायी और थाने में रामजी की पत्नी रमावती मासूम बच्चों के साथ जमीन पर गिर कर रो पड़ी. वह बच्चों के साथ खुद भी मौत के लिए दुआ करने लगी.
ग्रामीणों की मानें, तो रामजी भले ही शराब पीता था, लेकिन वह सीधा-साधा इनसान था. गांव में सभी से मेल-जोल रखता था. उधर, पिता की हत्या के बाद इन मासूम बच्चों का क्या होगा, इसको लेकर स्थानीय प्रबुद्ध लोग काफी चिंतित दिखे. ग्रामीणों ने भी थाने में पहुंच कर पुलिस अधिकारियों से घटना की गहराई से जांच कर हत्यारे की पहचान कर गिरफ्तार करने की मांग की है.
सात साल के बेटे छोटू ने पिता को मुखाग्नि दी. वह स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था कि पिता की हत्या ने उसे श्मशान घाट पर जाने को विवश कर दिया. सिधवलिया थाने के बरहिमा गांव के मथुरा महतो का पुत्र रामजी महतो था.
