जोखिम में डालते भविष्य का सफर
गोपालगंज : यह कैसा सड़क सुरक्षा सप्ताह है! यहां सड़क सुरक्षा के प्रति किसी को परवाह नहीं है. यहां तक कि कानून का पालन करानेवाले ही नियमों को तोड़ रहे हैं. परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा सप्ताह का कोरम पूरा किया जा रहा है. छात्रों को लगा कर लोगों में जागरूकता लाने का दावा किया […]
गोपालगंज : यह कैसा सड़क सुरक्षा सप्ताह है! यहां सड़क सुरक्षा के प्रति किसी को परवाह नहीं है. यहां तक कि कानून का पालन करानेवाले ही नियमों को तोड़ रहे हैं. परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा सप्ताह का कोरम पूरा किया जा रहा है. छात्रों को लगा कर लोगों में जागरूकता लाने का दावा किया जा रहा है,
लेकिन विभाग के अधिकारी सड़क पर अब तक लोगों को जागरूक करने के लिए नहीं उतरे हैं. इसका नतीजा है कि हर ओर नियमों का मखौल उड़ते देखा जा रहा है. नियमों का पालन नहीं करने के कारण आये दिन सड़क हादसे हो रहे हैं. सड़क हादसे में मरनेवालों की संख्या प्रतिवर्ष 478 तथा घायलों की संख्या 690 तक पहुंच जाती है. इन मौतों के पीछे जितना जिम्मेवार परिवहन विभाग है, उतना ही कानून का उल्लंघन करनेवाले हैं. नमूने के तौर पर तीन तसवीरें आपके सामने हैं.
परिवहन नियमों की कैसे अवहेलना हो रही आप खुद देख सकते हैं. इनको रोकने के लिए शहर के चौक पर ट्रैफिक पुलिस तैनात हैं, लेकिन वह 10-20 रुपये वसूलने तक ही अपनी ड्यूटी समझते हैं. पुलिस के जवान भी यहां बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए मिलते हैं.
केस स्टडी 1- सीवान-गोपालगंज एनएच-85 पर मंगलवार को सीवान जिले के शिव प्रसाद यादव के पुत्र सरल यादव तथा प्रकाश यादव बाइक से विष्णु सुगर मिल में जा रहे थे. उचकागांव थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव के पास डंपर में टकरा गये. दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. डॉक्टरों का मानना था कि बाइक चला रहे सरल यादव अगर हेलमेट पहना रहता, तो उसकी जान बच सकती थी.
केस स्टडी 2- मीरगंज के रविंद्र कुमार पिछले शुक्रवार को गोपालगंज से मीरगंज जा रहे थे. जैसे ही इटवा पुल के पास पहुंचे कि सामने से आ रहे ट्रक ने ठोकर मार दी. हेलमेट नहीं रहने के कारण उनके सिर में चोट लगी और जीवन मौत से गोरखपुर के अस्पताल में जूझ रहे हैं.
केस स्टडी 3-कटेया के सतीश कुमार सिंह यूपी के देवरिया से घर लौट रहे थे. पगरा मोड़ पर सामने से आ रही बाइक ने टक्कर मार दी. महज संयोग था कि हेलमेट पहने हुए थे, जिससे उनकी जान बच गयी. सिर्फ हाथ और पैरों में चोटें आयीं.