अपातकाल के काले अध्याय को कोई नहीं मिटा सकता : माकपा सरकारी बेवसाइट से हटायी गयी बातों को फिर से डाले बिहार सरकार संवाददाता, पटना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन में अपातकाल के दौरान लोकनायक जयप्रकाश समेत हजारों आंदोलनकारियों के साथ बर्बर दमनात्मक घटनाएं बिलकुल सच है. अपातकाल के इस काले अध्याय को कोई नहीं मिटा सकता. इंदिरा गांधी की तानाशाही- निजाम के विरुद्ध लड़नेवाले सच्चे देशभक्त और जनतंत्र प्रेमी लोगों की आंखे आज भी गुस्से से लाल हो जाती हैं. उक्त बातें मंगलवार को माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कही. उन्होंने कहा बै कि बिहार विधान सभा चुनाव के वक्त वाम ब्लाक ने ठीक ही कहा था कि कांग्रेस, जदयू और राजद का गंठबंधन सिर्फ ‘सत्ता के लिए अवसरवादी गंठबंधन’ है. महागंठबंधन की सरकार ने राज्य सरकार की बेवसाइट से इंदिरा गांधी के निजम के अपातकाल के काले–कारनामों को हटाकर अवसरवाद का सबसे घटिया उदाहरण दिया है. इससे ज्यादा नीतीश सरकार का निंदनीय काम क्या हो सकता है कि जिस जेपी आंदोलन से उपजे और नेता बने, आज जेपी के साथ किये गये अत्याचार के सच को भी झुठला रहे हैं. अपातकाल के काले–कारनामों से भरे इतिहास को मिटाने की किसी प्रकार की चेष्टा का माकपा जोरदार विरोध करती है. उन्होंने बिहार सरकार से बेवसाइट से हटायी गयी बातों को फिर से डालने की मांग की है़ उन्होंने कहा है कि यदि एेसा न हुआ, तो बिहार की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी.
अपातकाल के काले अध्याय को कोई नहीं मिटा सकता : माकपा
अपातकाल के काले अध्याय को कोई नहीं मिटा सकता : माकपा सरकारी बेवसाइट से हटायी गयी बातों को फिर से डाले बिहार सरकार संवाददाता, पटना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन में अपातकाल के दौरान लोकनायक जयप्रकाश समेत हजारों आंदोलनकारियों के साथ बर्बर दमनात्मक घटनाएं बिलकुल सच है. अपातकाल के इस काले अध्याय को कोई […]
