फर्जी दारोगा समझ कर लोगों ने एएसआइ को पीटा .. चौकीदार के साथ बाइक से गये थे चिमनी पर प्रभात फॉलोअप भोरे. शनिवार की देर शाम विजयीपुर थाने के एएसआइ पर हुए हमले के बाद पुलिसिया जांच में यह बात सामने आयी है कि ईंट भठ्ठे पर बैठे लोगों ने उन्हें फर्जी दारोगा समझ कर उन पर हमला कर दिया. घायल दारोगा के सिर एवं चेहरे पर गंभीर चोट लगी है. उनका इलाज विजयीपुर पीएचसी के डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है. फिलहाल एएसआइ शिशुपाल सिंह थाने में अपने आवास पर आराम कर रहे हैं. वहीं, सर्विस रिवॉल्वर बरामद होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है. बताया जाता है कि शिशुपाल सिंह थाने के एक चौकीदार के साथ बिजली चक बेलवां गांव स्थित चिमनी पर गये थे, जहां शराब पी रहे कुछ लोगाें के साथ उनकी झड़प हो गयी थी. इसके बाद लोगों ने उन्हें फर्जी दारोगा समझ कर उन पर हमला कर दिया था. वहीं, इस घटना के बाद थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार खुद पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. पहले भी हो चुका है विजयीपुर पुलिस पर हमला विजयीपुर में पुलिस पर हमला कोई नयी बात नहीं है. फरवरी, 2010 से लेकर अभी तक पुलिस टीम पर सात बार हमले हो चुके हैं. फरवरी, 2010 में विजयीपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष यूएन झा पर छितौना गांव में हुआ था हमला.वर्ष 2011 में विजयीपुर थाना क्षेत्र के माड़र घाट पुल पर सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान राजेश कुमार राय पर हमला. वर्ष 2012 में मझवलिया बाजार के व्यवसायी पप्पू जायसवाल के यहां से कारबाइन एवं हैंड ग्रेनेड मिलने के हंगामा शांत कराने पहुंचे एसआइ मुकेश कुमार पर महिलाओं द्वारा हमला. वर्ष 2013 में विजयीपुर प्रखंड कार्यालय में माले कार्यकर्ताओं एवं पुलिस के बीच झड़प में थाने के एएसआइ परमानंद सिंह एवं पुलिस जवानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया.वर्ष 2015 में विजयीपुर थाने के एएसआइ शिशुपाल सिंह पर मथौली गांव में हमला.
फर्जी दारोगा समझ कर लोगों ने एएसआइ को पीटा
फर्जी दारोगा समझ कर लोगों ने एएसआइ को पीटा .. चौकीदार के साथ बाइक से गये थे चिमनी पर प्रभात फॉलोअप भोरे. शनिवार की देर शाम विजयीपुर थाने के एएसआइ पर हुए हमले के बाद पुलिसिया जांच में यह बात सामने आयी है कि ईंट भठ्ठे पर बैठे लोगों ने उन्हें फर्जी दारोगा समझ कर […]
