छपरा-मुजफरपुर और छपरा -गोपालगंज को मिला फॉरेस्ट क्लियरेंस, सड़क निर्माण की बाधा हुई दूरपटना. विगत दो साल से विभिन्न कारणों से दो नेशनल हाइवे के सड़क निर्माण के काम में हो रही बाधा दूर हो गयी है. पहले कॉन्ट्रैक्टर का चयन नहीं होने से काम में देरी हुई. जब कॉन्ट्रैक्टर का चयन हुआ तो फॉरेस्ट क्लियरेंस के कारण मामला अटक गया. अब फॉरेस्ट क्लियरेंस मिलने से सड़क निर्माण का काम शुरू होगा. ईपीसी मोड पर बननेवाले छपरा-रेवा घाट-मुजफ्फरपुर व छपरा-गोपालगंज एनएच का काम जनवरी से शुरू होगा. दोनों एन एच के निर्माण के लिए कॉन्ट्रैक्टर द्वारा तैयारी शुरू की गयी है. दोनों एनएच का निर्माण सहित उसका चौड़ीकरण होगा. टू लेन की इस सड़क के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर सड़क की चौड़ाई बढ़ायी जायेगी. दोनों एनएच के निर्माण व उसके चौड़ीकरण पर 1125 करोड़ खर्च होगा. सड़क की चौड़ाई बढ़ाने को लेकर सड़क किनारे के पेड़ के कारण उसके निर्माण में बाधा आ रही थी. इसके लिए फॉरेस्ट क्लियरेन्स लेना जरूरी था. इसकी अनुमति मिलने के बाद अब वह बाधा दूर हो गयी है. सड़क निर्माण करने का काम जी़ आर इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला है. नेशनल हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चार के तहत छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर व नेशनल हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तीन के तहत छपरा-गोपालगंज का निर्माण काम हो रहा है. सड़क निर्माण करनेवाली कंपनी को चार साल तक मेंटेनेंस करना है. छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर एन.एच.-102 छपरा से मुजफ्फरपुर के बीच 74 किलोमीटर सड़क के निर्माण पर लगभग 413 करोड़ खर्च अनुमानित है. सड़क निर्माण का काम दो साल में पूरा करना है. इसकी कनेक्टिविटी हाजीपुर -छपरा होने से आवागमन की सुविधा बढ़ेगी. छपरा-गोपालगंज एन एच- 85 छपरा से गोपालगंज के बीच 92 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा. इसके अलावा सड़क के दोनों ओर चौड़ीकरण का काम होना है. सड़क निर्माण का काम ढाई साल में पूरा करना है. इपीसी मोड पर होनेवाले सड़क निर्माण पर लगभग 710 करोड़ खर्च होगा.
छपरा-मुजफरपुर और छपरा -गोपालगंज को मिला फॉरेस्ट क्लियरेंस, सड़क नर्मिाण की बाधा हुई दूर
छपरा-मुजफरपुर और छपरा -गोपालगंज को मिला फॉरेस्ट क्लियरेंस, सड़क निर्माण की बाधा हुई दूरपटना. विगत दो साल से विभिन्न कारणों से दो नेशनल हाइवे के सड़क निर्माण के काम में हो रही बाधा दूर हो गयी है. पहले कॉन्ट्रैक्टर का चयन नहीं होने से काम में देरी हुई. जब कॉन्ट्रैक्टर का चयन हुआ तो फॉरेस्ट […]
