नया सचिवालय के गलियारों से निकलना मुश्किल, पर सीएम देखेंगे भूकंप से बचाव का मॉक ड्रिल

नया सचिवालय के गलियारों से निकलना मुश्किल, पर सीएम देखेंगे भूकंप से बचाव का मॉक ड्रिलकई फ्लोर पर दिन में भी अंधियारासंवाददाता, पटना30 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास भवन में भूकंप से बचाव का मॉक ड्रिल देखेंगे. इसमें भूकंप की खतरा का साइरन बजते ही कर्मियों को कमरों से बाहर निकलना है. कर्मचारी को […]

नया सचिवालय के गलियारों से निकलना मुश्किल, पर सीएम देखेंगे भूकंप से बचाव का मॉक ड्रिलकई फ्लोर पर दिन में भी अंधियारासंवाददाता, पटना30 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास भवन में भूकंप से बचाव का मॉक ड्रिल देखेंगे. इसमें भूकंप की खतरा का साइरन बजते ही कर्मियों को कमरों से बाहर निकलना है. कर्मचारी को कुछ ही क्षण में सचिवालय के बाहरी परिसर में इकट्ठा हो जाना है, लेकिन विकास भवन के लगभग सभी फ्लोर पर टूटी और पूराने फर्निचर, बड़ी संख्या में रखी आलमीरा, लाल कपड़ों में बंधी पुरानी संचिकाओं को पोटली का अंबार लगा हुआ है. इसके कारण गलियों के रास्ते संकरे हो गये हैं. कृषि विभाग के कमरों से पशुपालन विभाग के शाखाओं की ओर जाने वाली गलियों में तो दिन में भी अंधेरा रहता है. ऐसी ही हालत में 30 दिसंबर को विकास भवन में भूकंप से बचाव के लिए कर्मियों और अफसरों को भागने का माॅक ड्रिल करना होगा. इस पूरी प्रक्रिया को सीसीटीवी के माध्यम से मुख्यमंत्री देखेंगे कि भूकंप के साइरन बजने के बाद किस तरह बाहर निकलते हैं. इसके लिए शिक्षा विभाग के सभा कक्ष को नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. इसके लिए सचिवालय के सभी कार्यालयों के साथ-साथ सभी गलियों की सफाई और सभी बाधाओं को दूर करना है, ताकि भागने के क्रम में कर्मियों को कोई पेरशानी न हो. कई ऐसे गलियों को चिह्नित किया जाना है, जिससे होकर शारीरिक रूप से अक्षम, बुजुर्ग और महिला कर्मियों को बाहर निकलना है. विकास भवन में स्थित कई विभागों के कर्मियों ने बताया कि सभी विभाग को सूचना है कि 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री भूकंप से बचाव के लिए मॉक ड्रिल देखेंगे. इसके बावजूद अब तक किसी भी गलियारों के अवरोध को हटाया नहीं गया है. ऐसे में कोई कर्मचारी तेजी से भाग नहीं सकता है. खासकर अगलगी की घटना में लोगों को भागने की जगह तक नहीं मिलेगी. मुख्य सचिव ने सभी गलियारों को अवराेध मुक्त करने का दिया था निर्देशमॉक ड्रिल की तैयारी में जुटे आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के स्तर से विकास भवन के गलियारों की सफाई का कई बार निर्देश दिया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक सफाई नहीं हुई है. अधिकारी ने बताया कि छुट्टी के बाद अब 28 दिसंबर को सचिवालय खुलेगा. विकास भवन के सभी गलियारों में डंप किये पूरानी संचिकाओं, फर्निचर और आलमीरा को सफाई के लिए दो दिन ही समय मिलेगा. ऐसे में भूकंप का मॉक ड्रिल कहीं मजाक बनकर न रह जाये.

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