भाजपा का साथ छोड़ सकता है हिंदुस्तानी अवाम मोरचा

भाजपा का साथ छोड़ सकता है हिंदुस्तानी अवाम मोरचाहम की कार्यकारिणी या सम्मेलन में होगा अंतिम फैसला : मांझीसंवाददाता, पटनाहिंदुस्तानी अवाम मोरचा सेकुलर एनडीए से अपना नाता तोड़ सकता है. बुधवार को 12 एम स्टैंड रोड में हम के पदाधिकारियों की बैठक में कई सदस्यों ने भाजपा से अलग होने के लिए आवाज उठायी. इस […]

भाजपा का साथ छोड़ सकता है हिंदुस्तानी अवाम मोरचाहम की कार्यकारिणी या सम्मेलन में होगा अंतिम फैसला : मांझीसंवाददाता, पटनाहिंदुस्तानी अवाम मोरचा सेकुलर एनडीए से अपना नाता तोड़ सकता है. बुधवार को 12 एम स्टैंड रोड में हम के पदाधिकारियों की बैठक में कई सदस्यों ने भाजपा से अलग होने के लिए आवाज उठायी. इस पर हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बैठक में ऐसी बाते उठी है, लेकिन यह अभी प्री-मैच्योर है. जनवरी-फरवरी में होने वाले प्रमंडलवार सम्मेलन और फरवरी में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में जो फैसला होगा उसे मान्य माना जायेगा. एनडीए व भाजपा से अलग होने का फैसला ऐसे नहीं, पार्टी फोरम पर ही लिया जायेगा. हमें भी तो दलित वर्ग के कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय लोग कहते हैं कि विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ नहीं, बल्कि अकेले चुनाव लड़ते तो ज्यादा फायदा होता. यह अलग बात है. इससे पहले हम के प्रदेश अध्यक्ष वृशिण पटेल ने कहा था कि बिहार विधानसभा चुनाव में मुसलिम वोट नहीं मिलने के कारण एनडीए गंठबंधन की हार हुई. भाजपा को मुसलमानों का वोट नहीं मिला. गंठबंधन में भाजपा के साथ होने की वजह से हम को भी मुसलमानों का वोट नहीं मिला, जिससे हार हुई. बाद में वे अपने बयान से पलट गये और कहा कि लोगों ने उनसे कहा कि मुसलमानों का वोट उन्हें नहीं मिला है. जीतन राम मांझी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में बहुत-सी गलतियां हुई हैं. कुछ हमसे, कुछ भाजपा से तो कुछ एलायंस पार्टियों से. किसी एक कारण को मानना उचित नहीं है. चुनाव के दौरान अल्पसंख्यकों, दलितों-महादलितों समेत एससी-एसटी कोटि के लोगों को भरमाया गया. उन्हें कलात्मक पूर्ण चलाकी से भ्रम में रखा गया कि उनका आरक्षण खत्म हो जायेगा, एनडीए की सरकार बनी तो उनका विकास नहीं होगा. अब इन लोगों को पछतावा हो रहा है. प्रमंडलवार होगा हम का किसान सम्मेलनजीतन राम मांझी ने कहा कि किसानों को पिछले साल के धान का बोनस अभी तक नहीं मिला है. जिसकी वजह से किसान आत्महत्या तक करने को मजबूर हो गये. अब भी धान की खरीद नहीं हो रही है. इसलिए हिंदुस्तानी अवाम मोरचा 10 फरवरी से पहले सभी प्रमंडलों में किसान सम्मेलन आयोजन करेगा और किसानों को जगाने व जागरूक करने का काम करेगा. तिरहुत प्रमंडल में 30 जनवरी को मुजफ्फरपुर में किसान सम्मेलन होगा, जबकि पटना में राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन कर राजभवन मार्च करेंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे. नीतीश को हो गया नारद मोहजीतन राम मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद को पीएम मेटेरियल बता रहे हैं. यह नया नहीं है. उन्होंने इसी वजह से एनडीए से संबंध तोड़ा था. उन्हें नारद मोह हो गया है और वे नारद का चेहरा लेकर घूम रहे हैं. अब तो उनके गंठबंधन राजद वाले भी उन्हें जवाब दे रहे हैं कि नीतीश कुमार नहीं, बल्कि लालू प्रसाद प्रधानमंत्री होंगे. कानून कर रहा अपना कामनाती पर लगे आरोपों पर जीतन राम मांझी ने कहा कि इसकी सूचना उन्हें उनकी बेटी ने ही दी थी. जो हुआ गलत हुआ, एेसा नहीं होना चाहिए था. हमने उन्हें कहा कि वे सीधे थाना जाये और पुलिस को सहयोग करें. इस मामले पर कानून अपना काम कर रहा है. हमारी ओर से इस पर कोई दबाव नहीं है. निष्पक्षता से काम होना चाहिए.

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