चार वर्षों में भी पूरा नहीं हुआ कटिहार की उदवह सिंचाई योजना का काम पूरा

चार वर्षों में भी पूरा नहीं हुआ कटिहार की उदवह सिंचाई योजना का काम पूरा 31 दिसंबर तक कॉन्ट्रैक्टर को मिला काम पूरा कराने का मिला टास्क 31 दिसंबर तक काम पूरा न हुआ, तो ब्लैक लिस्टेड होगी कंपनी सुस्त पड़ी धान उत्पादन बहुल शेखपुरा में आहर-पाइन योजना की रफ्तार कटिहार-शेखपुरा की सिंचाई योजनाओं पर […]

चार वर्षों में भी पूरा नहीं हुआ कटिहार की उदवह सिंचाई योजना का काम पूरा 31 दिसंबर तक कॉन्ट्रैक्टर को मिला काम पूरा कराने का मिला टास्क 31 दिसंबर तक काम पूरा न हुआ, तो ब्लैक लिस्टेड होगी कंपनी सुस्त पड़ी धान उत्पादन बहुल शेखपुरा में आहर-पाइन योजना की रफ्तार कटिहार-शेखपुरा की सिंचाई योजनाओं पर खर्च हो रहे 13. 19 करोड़ संवाददाता, पटना उदवह सिंचाई योजना से कटिहार के किसान पिछले चार वर्षों से सिंचाई कराने के तरस रहे हैं. योजना का काम इसी वर्ष जुलाई-अगस्त तक पूरा होना था, किंतु काॅन्ट्रैक्टर अब-तक 80 प्रतिशत ही काम करा पाया है. कटिहार की उदवह सिंचाई योजना के काम में विलंब होने पर विभाग ने कड़ी नाराजगी जतायी है. विभाग के सचिव दीपक कुमार ने काॅन्ट्रैक्टर को 31 दिसंबर तक कटिहार की सभी उदवह सिंचाई योजना का काम पूरा कराने का टाइम दिया है. 31 दिसंबर तक यदि काम पूरा नहीं हुआ, तो विभाग काॅन्ट्रैक्टर को ब्लैक लिस्टेड कर देगी. कटिहार के अलावा शेखपुरा की आहर-पाइन योजना के जीर्णोद्धार का काम भी अत्यंत सुस्त गति से चल रहा है. विभाग ने शेखपुरा की आहर-पाइन योजना के जीर्णोद्धार का का काम करा रही कंपनी को भी कड़ी चेतावनी दी है. कटिहार की उदवह सिंचाई योजना पर विभाग 13.19 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, किंतु योजना के काम की रफ्तार अत्यंत सुस्त होने से विभाग तो हैरान है ही, किसान भी खासे परेशान हैं. उदवह सिंचाई योजना का काम पूरा न होने के कारण जिले के 12 प्रखंडों के 23 हजार से अधिक किसान प्राइवेट पेपों या राजकीय नलकूलों से रबी-खरीफ या अन्य फसलों की सिंचाई कराने को विवश हैं. कटिहार के अधिकतर राजकीय नलकूपों के बंद होने के कारण उन्हें प्राइवेट पंपों से सिंचाई करानी पड़ रही है. शेखपुरा में भी आहर-पाइन योजना का काम कच्छप रति से चल रहा है. काम पूरा नहीं होने के कारण शेखपुरा के किसानों को रबी की सिंचाई निजी नलकूपों से करानी पड़ी थी. शेखपुरा धान उत्पादक क्षेत्र के रूप में बिहार के अव्वल जिलों में शुमार रहा है. वर्ष 2012-13 में सर्वाधिक धान उत्पादन करने के लिए कृषि विभाग ने शेखपुरा को राजकीय पुरस्कार से नवाजा था.

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