फ्लायर - फूलों से महकेगी छाड़ी नदी, बनेगा पार्क

फ्लायर – फूलों से महकेगी छाड़ी नदी, बनेगा पार्क नगर विकास विभाग की राशि से नदी को सुंदर बनाने का निर्णयनदी के दोनों तटों पर पीसीसी सड़क के साथ बनेंगी सिमेंट की कुरसियांआकर्षक फूल और छोटे-छोटे पौधे बदलेंगे माहौलफोटो – 10गोपालगंज. अपनी दुर्दशा झेल रही छाड़ी नदी की किस्मत चमकनेवाली है. स्मार्ट शहर की राह […]

फ्लायर – फूलों से महकेगी छाड़ी नदी, बनेगा पार्क नगर विकास विभाग की राशि से नदी को सुंदर बनाने का निर्णयनदी के दोनों तटों पर पीसीसी सड़क के साथ बनेंगी सिमेंट की कुरसियांआकर्षक फूल और छोटे-छोटे पौधे बदलेंगे माहौलफोटो – 10गोपालगंज. अपनी दुर्दशा झेल रही छाड़ी नदी की किस्मत चमकनेवाली है. स्मार्ट शहर की राह पर अपना शहर चल पड़ा है. छाड़ी नदी के किनारे पार्क बनाने की तैयारी नगर विकास विभाग (डूडा) की तरफ से की जा रही है. सब कुछ ठीकठाक रहा, तो वर्ष 2016 में छाड़ी नदी के किनारे पार्क बनेगा. इस परियोजना पर तीन करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है. दोनो किनारे पीसीसी सड़क बनाने के साथ ही स्ट्रीट लाइट लगायी जायेगी. नदी के किनारे फूल-पत्ति, गुलाब, चमेली, गेंदा, रजनीगंधा आदि जैसे फूलों को लगाया जायेगा. डीएम राहुल कुमार ने छाड़ी नदी को बेहतर बनाने के लिए 15 जनवरी तक डूडा से ब्लू प्रिंट तैयार कर उनसे पूरी रिपोर्ट तलब की है. डीएम का मानना है कि शहर के लिए एक बेहतर पार्क हो जहां लोग 2-4 मिनट शांति और सुकून पा सके. छाड़ी नदी बेकार पड़ी थी. पटना हाइकोर्ट ने भी इसकी सफाई के लिए आदेश दिया था.जहरीला बन चुका है नदी का पानीछाड़ी नदी गंडक नदी से निकल कर सीवान में सरयू नदी में जाकर समाहित होती है. गंडक नदी में आयी बाढ़ से नदी हर वर्ष उफान पर रहती थी. वर्ष 2001 में आयी बाढ़ में छाड़ी नदी के उफान से डीएम आवास तक बाढ़ का पानी समाहित हो चुका था. उसके बाद हीरापाकड़ में स्लूइस गेट को तत्कालीन डीएम एसएम राजू ने बंद करा दिया, जिसके कारण नदी में पानी सूख गया. शहर भर की नालियां इस नदी में बहायी जाती हैं, जिससे नदी ने पूरी तरह से नाले का रूप ले लिया है. नदी का है अपना धार्मिक महत्वछाड़ी नदी का अपना धार्मिक महत्व है. नदी के किनारे हर वर्ष छठव्रती अर्घ देते हैं. नदी पशु-पक्षियों के पानी के लिए काफी महत्व रखती है. आज जहरीला पानी होने से पशु-पक्षियों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा रहा है. नदी के पानी में ज्यादा देर खड़ा रहने पर चर्मरोग की भी शिकायत रहती है. क्या कहते हैं अधिकारीछाड़ी नदी को डेवलप करने के लिए पार्क, फूल-पत्ति, पीसीसी सड़क, स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए डूडा के अभियंताओ को कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है. ब्लू प्रिंट का इंतजार किया जा रहा है.राजीव रंजन सिन्हा, प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी नगर पर्षद, गोपालगंज शहर को होंगे फायदे- छाड़ी नदी पर सड़क बनने से शहर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी.- हजियापुर से सीधे लोग कॉलेज रोड में निकल जायेंगे.- आसपास के मुहल्लों को नदी से निकलनेवाली दुर्गंध से निजात मिलेगी.- शहर में बच्चों को पार्क में खेलने व बुजुर्गों को टहलने का फायदा.- नदी के किनारे सार्वजनिक शौचालय बनने से गरीबों को होगा फायदा.- स्ट्रीट लाइट लगने से आकर्षण का केंद्र बन जायेगी छाड़ी नदी.

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