वश्विवद्यिालयों को टास्क, पांच जनवरी तक तैयार करें एकेडमिक व परीक्षा कैलेंडर

विश्वविद्यालयों को टास्क, पांच जनवरी तक तैयार करें एकेडमिक व परीक्षा कैलेंडर10 जनवरी तक पीएल एकाउंट खोल विभाग को प्रस्ताव दे विश्वविद्यालयसभी विवि को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए पांच-पांच कॉलेज चुनने का निर्देशसंवाददाता, पटनाराज्य के सभी विश्वविद्यालयों को शिक्षा विभाग ने पांच जनवरी तक एकेडमिक कैलेंडर और परीक्षा कैलेंडर तैयार कर विभाग को दे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

विश्वविद्यालयों को टास्क, पांच जनवरी तक तैयार करें एकेडमिक व परीक्षा कैलेंडर10 जनवरी तक पीएल एकाउंट खोल विभाग को प्रस्ताव दे विश्वविद्यालयसभी विवि को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए पांच-पांच कॉलेज चुनने का निर्देशसंवाददाता, पटनाराज्य के सभी विश्वविद्यालयों को शिक्षा विभाग ने पांच जनवरी तक एकेडमिक कैलेंडर और परीक्षा कैलेंडर तैयार कर विभाग को दे देने का निर्देश दिया है. सोमवार को सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और फाइनांस ऑफिसर की बैठक में यह निर्देश दिये गये. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डा. डी. एस. गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि एकेडमिक कैलेंडर व परीक्षा कैलेंडर का निर्धारण हो जाने के बाद उच्च शिक्षा को चुस्त-दुरुस्त किया जा सकता है. बैठक में सभी विश्वविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए पांच-पांच कॉलेजों को चुनने का निर्देश भी दिया गया. इन्हीं कॉलेजों में से विभाग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए कॉलेजों का अंतिम रूप से चयन करेगा. साथ ही सभी एफलिएटेड कॉलेजों की विस्तार से जानकारी भी विश्वविद्यालयों को देनी होगी. कॉलेजों में कितनी फीस है, कितने छात्र-छात्राएं पड़ती है, किस-किस विषय की पढ़ाई होती है, कितने शिक्षक हैं? प्रधान सचिव ने सभी विश्वविद्यालयों को 10 जनवरी 2016 तक पीएल एकाउंट हर हाल में खोल लेने का भी निर्देश दिया. पीएल एकाउंट खोलने के बाद इसकी जानकारी विभाग को देनी होगी. डा. गंगवार ने कुलसचिवों और फाइनांस ऑफिसर को चेतावनी देते हुए कहा कि मिस गवर्नेंस और गंभीर वित्तीय अनियमितता नहीं होनी चाहिए. इसके लिए वे सचेत रहें. इसे सरकार गंभीरता से लेगी. कानून के अनुसार ऐसे मामलों की जांच के लिए आयोग भी गठित कर सकती है. बैठक में एफलिएशन के लिए आने वाले प्रस्ताव पर भी चर्चा की गयी. विभाग ने निर्देश दिया कि जो भी प्रस्ताव आये उसमें एक्ट का अनुपालन हो और उसके अनुरूप ही प्रस्ताव आये. साथ ही सभी कॉलेजों को नैक की मान्यता दिलाने के लिए प्रक्रिया चल रही है. सभी कॉलेज इसके लिए आवश्यक मापडंड को पूरा करें और नैक की मान्यता देने वालों से संपर्क करें. बैठक में उच्च शिक्षा निदेशालय के सभी पदाधिकारी मौजूद थे. किसी विश्वविद्यालय ने नहीं दिया यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेटराज्य से किसी भी विश्वविद्यालयों ने पिछले दो वित्तीय वर्ष का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं दिया है. विश्वविद्यालयों को 20 दिसंबर तक का ही अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन सभी विवि ने और समय मांगा है. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डा. डी. एस. गंगवार ने कहा कि जब तक विश्वविद्यालयों के उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं आयेगा, वेतन-पेंशन मद की राशि जारी नहीं की जायेगी. इसके लिए विश्वविद्यालय पूरी तरह से जिम्मेवार होगा. इसके लिए विश्वविद्यालयों को शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों का रोष भी झेलना पड़ सकता है. वहीं, वित्तरहित कॉलेजों के उपयोगिता प्रमाणपत्र मामले में चार विश्वविद्यालयों ने ही यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा किया है. मगध विवि, तिलका मांझी विवि, बीआरए विवि और केएसडीएस विवि ने उपोयोगिता प्रमाण पत्र दिया है, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों ने एक सप्ताह का समय मांगा है.

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