निर्भया कांड के अभियुक्त की रिहाई देश के कानून के तहत हुआ: इकबाल अहमद अंसारीबार काउंसिल द्वारा ‘विधि बनाम न्याय’ विषय पर आयोजित सेमिनार में बोले मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश संवाददाता, पटना न्यायाधीश मुक्कदमे की सुनवाई कर फैसला विधि के दायरे में रह कर देते हैं. न्यायाधीशों की अंतरआत्मा की आवाज न्याय हो, यह जरुरी नहीं है. दिल्ली के निर्भया कांड के अभियुक्त की रिहाई का फैसला भारत के वर्तमान कानून के तहत हुआ है. उक्त बातें रविवार को पटना उच्च न्यायालय के मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी ने कही. वे पटना के बिहार बार काउंसिल भवन में ‘विधि बनाम न्याय’ विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि समय और अावश्यक्ता के अनुसार कानून बदले जा सकते है. न्यायमूर्ति राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि विधि लिखित हो या आलिखित, प्रश्न मान्यता का है. विधि और न्याय दोनों के बीच अनोनाश्रय संबंध है. यदि वर्तमान विधि सही न्याय देने में सक्षम नहीं है, तो उसे व्यवस्थापिका संशोधित कर सकती है. बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अंजुम आरा ने कहा कि विधि एंव न्याय एक दूसरे का पूरक हैं. सेमिनार में ‘विधि बनाम न्याय’ विषय पर शिक्षाविद् डा. आनंद कुमार, जेपी वर्मा, डा. उमा शंकर प्रसाद, विंध्य केसरी कुमार और आशुतोष कुमार आदि ने भी अपने-अपने विचार रखें. सेमिनार का संचालन जगदीश्वर प्रसाद सिंह कर रहे थे. (नोट : खबर दोबारा पढ़ी गयी है)
नर्भिया कांड के अभियुक्त की रिहाई देश के कानून के तहत हुआ: इकबाल अहमद अंसारी
निर्भया कांड के अभियुक्त की रिहाई देश के कानून के तहत हुआ: इकबाल अहमद अंसारीबार काउंसिल द्वारा ‘विधि बनाम न्याय’ विषय पर आयोजित सेमिनार में बोले मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश संवाददाता, पटना न्यायाधीश मुक्कदमे की सुनवाई कर फैसला विधि के दायरे में रह कर देते हैं. न्यायाधीशों की अंतरआत्मा की आवाज न्याय हो, यह जरुरी नहीं […]
