गोपालगंज : श्रमिकों की दुघर्टना में मौत होने पर एक लाख रुपये मुआवजा श्रम संसाधन विभाग की तरफ दिया जायेगा. सेमिनार में श्रम अधीक्षक चंद्रशेखर यादव ने श्रमिकों को उनके अधिकार और सरकारी कानून की जानकारी दी. आंबेडकर भवन में जिले की 234 पंचायतों से आये कृषि श्रमिकों को प्रशिक्षण देते हुए श्रम अधीक्षक ने उपरोक्त जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि कामगार या शिल्पकार की स्वभावित मृत्यु होने पर 30 हजार रुपये के अनुदान की राशि आश्रित को उपलब्ध करायी जायेगी. अगर पूर्ण रूप से नि:शक्तता है, तो 75 हजार का अनुदान दिया जायेगा. आंशिक नि:शक्तता की स्थिति में 37500 रुपये का अनुदान प्राप्त होगा. अधिकतम दो बच्चों को राज्य के किसी भी स्कूल में नौवीं से बारहवीं तथा पॉलिटेक्निक एवं सरकारी औद्योगिक संस्थान में अध्ययन के दौरान 1200 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति का भुगतान श्रमिक के बच्चों को दिया जायेगा.
श्रमिक को दुर्घटना के दौरान घायल होने पर पांच दिनों में अस्पताल में भरती होने की स्थिति में पांच हजार रुपये का मुआवजा उपलब्ध होगा. इस योजना में असाध्य रोग से ग्रसित होने पर चिकित्सा सहायता दी जायेगी. प्रशिक्षण में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी भी शामिल थे. इस मौके पर कृषि श्रमिकों को 186 रुपये मजदूरी भी दी गयी.
कामगारों की श्रेणी न्यूनतम मजदूरी की दर अकुशल 197 रु प्रतिदिनअर्धकुशल 206 रु प्रतिदिनकुशल 251 रु प्रतिदिनअतिकुशल 306 रु प्रतिदिनपर्यवेक्षीय/लिपिकीय 5664 रु प्रतिदिन अनुसूची-2कटनी कार्य को छोड़कर अन्य कार्यों के लिए 189 रु प्रतिदिनट्रैक्टर ड्राइवर एवं पंप ऑपरेटर 6805 रु प्रतिदिनट्रैक्टर खलासी/ पंप खलासी/ चौकीदार/ सिपाही 5294 रु प्रतिदिनकटनी कार्य के लिए – इस बोझा में एक बोझा
