हत्याओं से पूरे वर्ष सिहरते रहा मांझाप्रति दो महीने पर एक अपहरण तेजी से बढ़ीं चोरी व डकैती की घटनाएं संवाददाता, मांझा वर्ष 2015 में हत्या व अपहरण के लिए मांझा जाना जायेगा. प्रत्येक दो महीने पर एक की हत्या व एक साधारण अपहरण होता रहा. किसी भी हत्या की गुत्थी पुलिस सुलझाने में नाकाम रही है. अगस्त महीने में तीन हत्याओं की प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इनमें पथरा गांव के छात्र इमामुल की हत्या गांव के ही साइबर अपराधियों ने कर दी थी. घटना का मुख्य आरोपित समीरुल हक फरार है. वहीं, दहेज के लिए अब तक तीन हत्याएं हो चुकी हैं. अगस्त में ही पथरा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय की छत पर अपराधियों ने एक महिला की हत्या कर दी थी, जिसकी गुत्थी आज तक पुलिस नहीं सुलझा सकी. वहीं, साधारण अपहरण की घटनाओं में भी मांझा अव्वल रहा. शादी की नीयत से अपहरण की घटनाओं में परिजनों के कांड दर्ज कराने के बावजूद पुलिस की सुस्ती इस मामले को और बढ़ावा दे रही है. अबतक अपहरण की छह घटनाएं हो चुकी हैं. वहीं, चोरी व डकैती में भी मांझा पीछे नहीं है. साइबर क्राइम के मामले में भी मांझा अव्वल रहा. साइबर क्राइम का मास्टर समीरुल हक अब भी फरार है. हत्या सहित कई संगीन मामले व साइबर अपराध को लेकर आधा दर्जन राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में है. इस मामले में अब तक एटीएस ने दो लोगों की गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया है. आंकड़े में अाप मामले हत्या -3दहेज हत्या -3सड़क दुर्घटना -16साधारण दंगा- 11महिला उत्पीड़न -2रोड डकैती – 2अनुसूचित जाति / जनजाति अधिनियम -5उत्पाद -8लूट -1ठगी -8साधारण अपहरण -6दहेज एक्ट -4अन्य -197ये आंकड़े 15 दिसंबर, 2015 तक के हैं.
हत्याओं से पूरे वर्ष सिहरते रहा मांझा
हत्याओं से पूरे वर्ष सिहरते रहा मांझाप्रति दो महीने पर एक अपहरण तेजी से बढ़ीं चोरी व डकैती की घटनाएं संवाददाता, मांझा वर्ष 2015 में हत्या व अपहरण के लिए मांझा जाना जायेगा. प्रत्येक दो महीने पर एक की हत्या व एक साधारण अपहरण होता रहा. किसी भी हत्या की गुत्थी पुलिस सुलझाने में नाकाम […]
