नशा छुपाने को आंखों में डालते हैं स्टेरायड भांग और केमिकल साल्वेंट के नशेड़ी आंखों में डाल लेते हैं स्टेरायउयुक्त आइड्राप आंख की लाली कट जाती है इससे, परिजनों को नहीं हो पाती नशे की जानकारीगोपालगंज. नशा छुपाने के लिए स्टेरायड सेवन का खतरनाक खेल चल रहा है. नशे की लत में डूबे स्कूली छात्र आंखों की लाली खत्म करने के लिए स्टेरायडयुक्त ड्राप डाल रहे हैं. इससे लाल आंखें तत्काल सफेद होकर नॉर्मल नजर आने लगती हैं. यह खतरनाक स्टेरायड लंबे समय तक प्रयोग करने पर उन्हें अंधा तक बना सकता है. खास कर भांग सेवन एवं केमिकल साल्वेंट सूंघने की लत वाले नशेड़ियों के लिए आइड्राप एक ‘कवच’ साबित हुआ है. फिलाइन एफरीन आइड्राप भी इस मकसद में प्रयोग किया जा रहा है. गोपालगंज के स्कूली छात्रों में भांग एवं केमिकल साल्वेंट का नशा सबसे ज्यादा कॉमन है. भांग के सेवन से आंखें लाल हो जाती हैं, जबकि मुंह से कोई गंध नहीं आती. घरवालों को पता न चले, इसके लिए छात्र चोरी-छुपे आंखों में स्टेरायड ड्राप डाल लेते हैं. इससे चंद मिनटों में आंखें सफेद हो जाती हैं. इस ड्राॅप के लंबे समय तक सेवन करने से आंखें की काली पुतली में जख्म बन सकती हैं, जिससे व्यक्ति अंधा तक हो जाता है. छात्र इन ड्राॅपों को मेडिकल स्टोर से खुद भी खरीद लेते हैं. नारकोटिक्स की श्रेणी में न आने की वजह से इन दवाओं के लिए डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता नहीं पड़ती. इसके साथ ही भांग के सेवन से भूख भी बढ़ती है. यह नशा खतरनाक रिसेप्टरों पर काम करता है. ज्यादा मात्रा में सेवन से नशेड़ी पागल तक हो सकता है. क्लिनिकों पर ऐसे दर्जनों छात्रों का इलाज चल रहा है, जो नशे की लत में आंखों की रोशनी गवाने के कगार पर पहुंच गये और दिमांग की कार्यपणाली स्थायी रूप से सुस्त पड़ गयी.साल्वेंट में भी लाल हो जाती हैं आंखेंनशेड़ी छात्रों में केमिकल साल्वेंट, थिनर, नेल पालिश हटाने वाले रिमूवर, ऑयोडेक्स चाटने के साथ ही कफ सिरफ एवं पेनकिलर्स लेने की लत है. तकरीबन इन सभी नशों में मुंह से गंध नहीं आती, किंतु लाल आंखों से नशे का शक गहरा हो जाता है. इसे छुपाने के लिए वह आइड्राप का प्रयोग करते हैं, जिसे नेत्र चिकित्सक मरीजों को भी लंबे समय तक प्रयोग करने से रोकते हैं.क्या कहते हैं चिकित्सक स्टेरायडयुक्त ड्राॅप लेने का चलन झोलाछाप डाक्टरों की वजह से भी बढ़ा है. इसका लगातार सेवन खतरनाक है. यह आंखों की लालिमा खत्म करता है, किंतु इसके साइड इफेक्ट बेहट खतरानाक हैं.डाॅ अमरेश, नयन सुख अस्पताल, गोपालगंज
नशा छुपाने को आंखों में डालते हैं स्टेरायड
नशा छुपाने को आंखों में डालते हैं स्टेरायड भांग और केमिकल साल्वेंट के नशेड़ी आंखों में डाल लेते हैं स्टेरायउयुक्त आइड्राप आंख की लाली कट जाती है इससे, परिजनों को नहीं हो पाती नशे की जानकारीगोपालगंज. नशा छुपाने के लिए स्टेरायड सेवन का खतरनाक खेल चल रहा है. नशे की लत में डूबे स्कूली छात्र […]
