खेतों में हरियाली देख खिले किसानों के चेहरे

खेतों में हरियाली देख खिले किसानों के चेहरे फोटो-16संवाददाता, कटेया खरीफ फसल में किसानों की बरबादी से उत्पन्न हुए निराशा के भाव रबी की खेती में हरियाली देख छंटने लगी है. किसानी से तौबा करने का मन बना चुके किसान फिर भारत की क्षुधा तृप्ति के लिए कमर कस लिया है. वे अपनी खेतों में […]

खेतों में हरियाली देख खिले किसानों के चेहरे फोटो-16संवाददाता, कटेया खरीफ फसल में किसानों की बरबादी से उत्पन्न हुए निराशा के भाव रबी की खेती में हरियाली देख छंटने लगी है. किसानी से तौबा करने का मन बना चुके किसान फिर भारत की क्षुधा तृप्ति के लिए कमर कस लिया है. वे अपनी खेतों में पूरे मनोयोग से लगे दिख रहे हैं. इसका कारण है रबी की फसलों में आयी हरियाली, जो किसानों के मुरझाये चेहरे पर आशा की लाली भर दी. पिछले दो फसलों की बरबादी ने जहां किसानों को तोड़ कर रख दिया था. ऐसा लगने लगा था कि किसान खेती से मुंह मोड़ लेंगे, लेकिन किसान पुन: अपनी साधना में लग कर देश के लोगों की क्षुधा मिटाने के प्रयास में लग गये हैं. पिछले साल थाने के खुरहुरिया निवासी किसान रामावतार साह अपने गेहूं की उपज को देख ऐसा सदमा खाये की उनकी मौत हो गयी. पिता की मौत के बाद बच्चों ने खेती न करने की बात कही. यह बात केवल रामावतार के बेटों की नहीं वरन पूरे किसान समाज की थी.

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