स्वेच्छा से ले सकते हैं बच्चे का पूरा या आधा टिकट 5 से 12 वर्ष तक के बच्चों का आरक्षित बर्थ नहीं लेने पर आधा किरायाबच्चे को अपनी बर्थ पर सुला कर ले जायेंगे आधा किराया देनेवाले आरक्षण मांगपत्र में बढ़ेगा काॅलम, बताना होगा पूरा बर्थ चाहिए या आधा. गोपालगंज. आरक्षित टिकट में रिफंड के नये नियम के बाद रेलवे ने यात्रियों पर एक और बोझ डाल दिया है. अगर आरक्षित श्रेणी की बोगियों में 5 से 12 वर्ष तक के बच्चे का आरक्षित टिकट नहीं लेते हैं, तो आधा किराया ही देना पड़ेगा. यानी माता- पिता बच्चे का आधा किराया देते हैं, तो उन्हें बर्थ पर अपने पास ही सुला कर ले जाना होगा. पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय बैठा के अनुसार रेल प्रशासन ने 5 से 12 वर्ष के आयु के बच्चों के लिए आरक्षित बर्थ के लिए पूरा किराया और आरक्षण शुल्क भी देना होगा. आरक्षित बर्थ नहीं लेने पर पूर्व की भांति आधा किराया ही देना होगा. यह सुविधा देने के लिए रेलवे प्रशासन आरक्षण मांग पत्रों में एक नया कालम भी शुरू करेगा, जिसमें आवेदक से पूछा जायेगा कि बच्चा है, तो उसका पूरा बर्थ लेंगे या नहीं. आवेदक द्वारा बर्थ लेंगेवाले कालम को भरने पर आधा किराया लिया जायेगा, लेकिन उसके लिए कोई बर्थ आरक्षित नहीं होगा. सीपीआरओ के अनुसार अनारक्षित श्रेणी की बोगियों में यानी, जनरल यात्रा पर बच्चों के किराये में कोई संशोधन नहीं किया गया है. गोपालगंज आरक्षण केंद्र पर भी यह व्यवस्था 10 अप्रैल 16 से लागू हो जायेगा.
स्वेच्छा से ले सकते हैं बच्चे का पूरा या आधा टिकट
स्वेच्छा से ले सकते हैं बच्चे का पूरा या आधा टिकट 5 से 12 वर्ष तक के बच्चों का आरक्षित बर्थ नहीं लेने पर आधा किरायाबच्चे को अपनी बर्थ पर सुला कर ले जायेंगे आधा किराया देनेवाले आरक्षण मांगपत्र में बढ़ेगा काॅलम, बताना होगा पूरा बर्थ चाहिए या आधा. गोपालगंज. आरक्षित टिकट में रिफंड के […]
