मीरगंज को है जर्जर तारों के बदलने की उम्मीद मीरगंज. बिजली विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि 24 सितंबर को ‘प्रभात खबर’ द्वारा ‘जर्जर तार को है हादसे का इंतजार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद भी तसवीर वैसे की वैसी है. कोई सुधार नहीं हो सका. लगभग समूचे शहर व आसपास के क्षेत्रों में तार जर्जर व ढीले हो गये हैं. न उन्हें बदला जा रहा है और न ही दुरुस्त किया जा रहा है. चर्चा थी कि बिजली चोरी रोकने को प्लास्टिक कोटेड तार ताने जायेंगे, मगर यह भी नहीं हो पाया. मौजूद तारों में ही प्लास्टिक के कवर लगाये जायेंगे. ये भी बाद में चर्चा चली किंतु हुआ कुछ नहीं. सब कुछ जस-का-तस है. वार्ड नं. 9 एवं 10 में भट्ठी के पास तने तारों का तो और बुरा हाल है. यहां 11 हजार वोल्ट के तार सड़क से मात्र 9-10 फुट ऊंचाई पर है. वार्ड के मैनेजर सोनी, धर्मेंद्र कुमार, राजेश कुमार, शंकर प्रसाद आदि का कहना है कि कई हादसे हो चुके हैं और अभी भगवान भरोसे हादसे टल रहे हैं. शहर के जितेंद्र स्वामी, रमन गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता आदि का कहना है कि जर्जर तार की समस्या बहुत दिनों से है. बिजली विभाग को कई बार बताया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस बाबत पूछने पर जेइ रणजीत चौधरी बताते हैं कि इसी माह जर्जर और ढीले तार बदले व ठीक किये जायेंगे. जहां जरूरत होगी वहां केबलयुक्त तार लगाया जायेगा. शहर की इस समस्या से हम वाकिफ हैं और तत्पर भी.
मीरगंज को है जर्जर तारों के बदलने की उम्मीद
मीरगंज को है जर्जर तारों के बदलने की उम्मीद मीरगंज. बिजली विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि 24 सितंबर को ‘प्रभात खबर’ द्वारा ‘जर्जर तार को है हादसे का इंतजार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद भी तसवीर वैसे की वैसी है. कोई सुधार नहीं हो सका. लगभग समूचे शहर व आसपास […]
